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केरल: CRZ नियमों के उल्लंघन कर बनाया गया सात सितारा रिजॉर्ट को गिराना किया गया शुरू, 200 करोड़ है कीमत
Thu, 15 Sep 2022 09:04 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केरल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केरल
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Thu, 15 Sep 2022 09:04 PM IST
सार
रिजॉर्ट को तटीय विनियमन क्षेत्र के नियमों का उल्लंघन करके बनाया गया था।
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Kapico Resor
- फोटो : ANI
विस्तार
केरल के अलाप्पुझा जिले के पनावली नेदिया थुरुथ में कपिको रिजॉर्ट को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ढहाया जा रहा है। यह सात सितारा रिजॉर्ट को तटीय विनियमन क्षेत्र के नियमों का उल्लंघन करके बनाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में इस रिजॉर्ट को गिराने का आदेश दिया था।
केरल सरकार ने 12 सितंबर को अलाप्पुझा में 200 करोड़ कीमत वाले कपिको केरला रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से पोराम्बोकू जमीन (राजस्व विभाग द्वारा मूल्यांकन नहीं किया गया क्षेत्र) का एक हिस्सा अपने कब्जे में ले लिया था। जिसके बाद प्रशासन ने उसे ढहाने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया।
याचिका को किया था खारिज
रिजॉर्ट प्रबंधकों ने तटीय क्षेत्रों का नियमों का उल्लघंन कर इसे तैयार किया था। कोर्ट ने नियमों का उल्लघंन मिलने पर डेमोलिशन को चुनौती देने वाली रिसॉर्ट प्रबंधन की याचिका को खारिज कर दिया था।
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जमीन पर लिया कब्जा
इस रिजॉर्ट का निर्माण 2007 में शुरू हुआ, जबकि यह 2012 में बनकर तैयार हुआ था। इसके निर्माण में भारी अतिक्रमण के अलावा तटीय विनियमन क्षेत्र नियमों का उल्लंघन किया गया। जिसकी वजह से रिजॉर्ट का मालिक उसपर कोई वाणिज्यिक गतिविधि शुरू नहीं कर पाया।
जमीन को लिया गया कब्जे में
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अलाप्पुझा जिला कलेक्टर कृष्णा थेजा ने कथित रूप से अतिक्रमण की गई जमीन पर अपना कब्जा लेना शुरू कर दिया था।
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केरल सरकार ने 12 सितंबर को अलाप्पुझा में 200 करोड़ कीमत वाले कपिको केरला रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से पोराम्बोकू जमीन (राजस्व विभाग द्वारा मूल्यांकन नहीं किया गया क्षेत्र) का एक हिस्सा अपने कब्जे में ले लिया था। जिसके बाद प्रशासन ने उसे ढहाने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया।
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याचिका को किया था खारिज
रिजॉर्ट प्रबंधकों ने तटीय क्षेत्रों का नियमों का उल्लघंन कर इसे तैयार किया था। कोर्ट ने नियमों का उल्लघंन मिलने पर डेमोलिशन को चुनौती देने वाली रिसॉर्ट प्रबंधन की याचिका को खारिज कर दिया था।
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जमीन पर लिया कब्जा
इस रिजॉर्ट का निर्माण 2007 में शुरू हुआ, जबकि यह 2012 में बनकर तैयार हुआ था। इसके निर्माण में भारी अतिक्रमण के अलावा तटीय विनियमन क्षेत्र नियमों का उल्लंघन किया गया। जिसकी वजह से रिजॉर्ट का मालिक उसपर कोई वाणिज्यिक गतिविधि शुरू नहीं कर पाया।
जमीन को लिया गया कब्जे में
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अलाप्पुझा जिला कलेक्टर कृष्णा थेजा ने कथित रूप से अतिक्रमण की गई जमीन पर अपना कब्जा लेना शुरू कर दिया था।