केरल रेप केस: विरोध प्रदर्शन पर झुका प्रशासन, कुरुविंग्लाड कॉन्वेंट से नहीं निकाली जाएंगी नन
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केरल के बहुचर्चित नन रेप मामले में पीड़िता के समर्थन में उतरीं ननों के लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन झुकता नजर आया है। ननों को अब जालंधर मठ के कुरूविंग्लाड कॉन्वेंट से बाहर नहीं निकाला जाएगा। मठ प्रशासन ने इस संबंध में पत्र जारी किया है।
मालूम हो कि रेप के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल के विरोध में उतरी ननों को अगले ही दिन कोट्टायम छोड़ने का फरमान जारी किया गया था, लेकिन अब उन्हें कॉन्वेंट में रहने की ही अनुमति दी गई है। जालंधर मठ ने ननों के लिए जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि उनका ट्रांसफर तब तक नहीं किया जाएगा, जब तक मामला कोर्ट में है।
जालंधर मठ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सभी 5 ननों को आश्वस्त किया जाता है कि सबको जालंधर मठ के कुरूविंग्लाड कॉन्वेंट से बाहर नहीं निकाला जाएगा। मामला जब तक कोर्ट में है यथास्थिति बनी रहेगी।
बिशप का विरोध करने पर हटा दिया गया था
रेप के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल का विरोध करने वाली पांच में चार नन को हटा दिया गया था। इन सबको कोट्टायम के कॉन्वेंट से बाहर जाने के लिए कह दिया गया था। बिशप एग्नोलो की ओर से जारी पत्र के बाद ननों को राहत मिली है।