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केरल में एक और पादरी पर रेप का आरोप, 39 साल की महिला ने दर्ज कराया मुकदमा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Updated Tue, 10 Jul 2018 01:17 PM IST
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केरल पुलिस ने ऑर्थोडॉक्स चर्च के पादरी बिनू जार्ज पर बलात्कार का मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा 39 साल की पीड़ित महिला के शिकायत करने पर दर्ज किया गया है। मामला अलपुझा जिले के कायमकुलम का है।
महिला का आरोप है कि आरोपी बिनू जॉर्ज ने 2014 में कथित रूप से यौन उत्पीड़न के लिए उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया था। फिलहाल क्राइम ब्रांच मामले में जांच कर रही है।
बता दें कि जालंधर के कैथोलिक बिशप फ्रैंको मुलक्कल द्वारा एक नन के साथ यौन शोषण करने के मामले में भी केरल पुलिस ने कार्रवाई की थी। पुलिस ने बिशिप के खिलाफ समन जारी किया है। जिसके तहत आरोपी को जालंधर से पूछताछ के लिए केरल भेजा गया। पुलिस ने नन के बयान को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज किया था। कि नन ने बिशप के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। मामले में कोट्टायम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने पुलिस के आवेदन पर विचार किया और बयान रिकॉर्ड करने के लिए चांगनास्त्री न्यायिक मजिस्ट्रेट को सौंपा।
नन का आरोप है कि बिशप ने 13 बार उसका यौन शोषण किया। आरोपी बिशन जालंधर स्थित डायोसीस कैथोलिक चर्च में कार्यरत है। कोट्टायम जिला पुलिस प्रमुख को दी गई अपनी शिकायत में नन ने आरोप लगाया कि रोमन कैथलिक चर्च के जालंधर धर्मप्रदेश के बिशप ने चार साल पहले पास के एक कस्बे में कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया। बिशप फ्रैंको मुक्कल शिरोमणि अकाली दल की लीडरशिप के काफी निकट माने जाते हैं।
44 वर्षीय नन का आरोप है कि साइरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ शिकायत की गई तो चर्च ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसे पुलिस की मदद लेनी पड़ी। नन ने कहा है कि 2014 में जिले के कुरावलंगड़ क्षेत्र में एक अनाथालय के नजदीक एक गेस्ट हाउस में पहली बार उसका यौन शोषण किया गया।
पीड़ित नन पंजाब में डायोसीस कैथोलिक चर्च के तहत चलने वाले एक संस्थान में काम करती थी। इस संस्थान के मुखिया बिशप फ्रैंको मुलक्कल (54) ही हैं। नन से जुड़े करीबी सूत्रों के मुताबिक, उसने केरल के तत्कालीन चर्च प्रमुख कार्डिनल मार जॉर्ज अलेनचेरी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन चर्च की तरफ से कोई कदम नहीं उठाए जाने पर उसे पुलिस में शिकायत दर्ज करानी पड़ी।
वहीं, बिशप मुलक्कल ने भी कोट्टयम पुलिस में नन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई कि वह नन का तबादला दूसरे संस्थान में कर रहे थे, लेकिन उसने यह आदेश मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की, तो नन बदला लेने के मकसद से उन्हें झूठे आरोपों में फंसा रही है।
बिशप मुलक्कल का यह भी आरोप है कि तबादले का आदेश वापस नहीं लेने पर नन के परिवार वालों ने भी उन्हें रेप के झूठे आरोप में फंसाने की धमकी दी थी। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच डीसीपी रैंक के एक अधिकारी कर रहे हैं।
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महिला का आरोप है कि आरोपी बिनू जॉर्ज ने 2014 में कथित रूप से यौन उत्पीड़न के लिए उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया था। फिलहाल क्राइम ब्रांच मामले में जांच कर रही है।
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Kerala police filed a rape case against an Orthodox Church priest Binu George based on the complaint of a 39-year-old woman from Kayamkulam in Alapuzha district, yesterday. Crime branch to probe the case. #Kerala
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 10, 2018
बता दें कि जालंधर के कैथोलिक बिशप फ्रैंको मुलक्कल द्वारा एक नन के साथ यौन शोषण करने के मामले में भी केरल पुलिस ने कार्रवाई की थी। पुलिस ने बिशिप के खिलाफ समन जारी किया है। जिसके तहत आरोपी को जालंधर से पूछताछ के लिए केरल भेजा गया। पुलिस ने नन के बयान को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज किया था। कि नन ने बिशप के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। मामले में कोट्टायम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने पुलिस के आवेदन पर विचार किया और बयान रिकॉर्ड करने के लिए चांगनास्त्री न्यायिक मजिस्ट्रेट को सौंपा।
नन का आरोप है कि बिशप ने 13 बार उसका यौन शोषण किया। आरोपी बिशन जालंधर स्थित डायोसीस कैथोलिक चर्च में कार्यरत है। कोट्टायम जिला पुलिस प्रमुख को दी गई अपनी शिकायत में नन ने आरोप लगाया कि रोमन कैथलिक चर्च के जालंधर धर्मप्रदेश के बिशप ने चार साल पहले पास के एक कस्बे में कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया। बिशप फ्रैंको मुक्कल शिरोमणि अकाली दल की लीडरशिप के काफी निकट माने जाते हैं।
44 वर्षीय नन का आरोप है कि साइरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ शिकायत की गई तो चर्च ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसे पुलिस की मदद लेनी पड़ी। नन ने कहा है कि 2014 में जिले के कुरावलंगड़ क्षेत्र में एक अनाथालय के नजदीक एक गेस्ट हाउस में पहली बार उसका यौन शोषण किया गया।
पीड़ित नन पंजाब में डायोसीस कैथोलिक चर्च के तहत चलने वाले एक संस्थान में काम करती थी। इस संस्थान के मुखिया बिशप फ्रैंको मुलक्कल (54) ही हैं। नन से जुड़े करीबी सूत्रों के मुताबिक, उसने केरल के तत्कालीन चर्च प्रमुख कार्डिनल मार जॉर्ज अलेनचेरी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन चर्च की तरफ से कोई कदम नहीं उठाए जाने पर उसे पुलिस में शिकायत दर्ज करानी पड़ी।
वहीं, बिशप मुलक्कल ने भी कोट्टयम पुलिस में नन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई कि वह नन का तबादला दूसरे संस्थान में कर रहे थे, लेकिन उसने यह आदेश मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की, तो नन बदला लेने के मकसद से उन्हें झूठे आरोपों में फंसा रही है।
बिशप मुलक्कल का यह भी आरोप है कि तबादले का आदेश वापस नहीं लेने पर नन के परिवार वालों ने भी उन्हें रेप के झूठे आरोप में फंसाने की धमकी दी थी। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच डीसीपी रैंक के एक अधिकारी कर रहे हैं।