केरल यौन शोषण: चर्च ग्रुप ने जारी की पीड़िता की तस्वीर, कहा- नहीं हुआ बलात्कार
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केरल में एक नन ने जालंधर के बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। जिसपर काफी सियासत हो रही है। इसी बीच मिशनरीज ऑफ जीसस बिशप के समर्थन में आ गया है और कुछ ऐसा कहा है जिसकी वजह से विवाद खड़ा हो गया है। मिशनरी की जांच समिति ने तथ्यों को सामने रखते हुए चर्च ग्रुप ने पीड़िता की तस्वीर जारी कर दी। जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार किसी भी रेप पीड़िता की तस्वीर को सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए।
जहां एक तरफ आरोपी बिशप की गिरफ्तारी को लेकर कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ मिशनरी ऑफ जीसस ने बिशप पर लगे आरोपों को साजिश बताया है। चर्च ग्रुप का कहना है कि पीड़ित नन ने दूसरी नन के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया है। समिति का दावा है कि नन की शिकायत के अनुसार, बिशप 5 मई, 2015 को कुरविलंगाड़ में नहीं रुके थे। यह भी बताया गया कि 23 मई, 2015 को एक फोटो में बिशप के साथ वह देखी जा सकती हैं। जिससे यह साबित होता है कि कोई बलात्कार नहीं हुआ है।
मिशनरी ऑफ जीसस समिति का आरोप है कि पीड़िता ने अपने दोस्तों के जरिए आंगतुक रजिस्टर में छेड़छाड़ करवाई है और मदर सुपीरियर से सीसीटीवी को नियंत्रित करवाया। समिति ने बिशप को निर्दोष ठहराते हुए बताया कि नन ने उनसे बदला लेने के लिए आरोप लगाया है। बता दें कि तीन याचिकाओं की सुनवाई कर रही केरल हाईकोर्ट ने जांच पर संतुष्टि जताते हुए कहा कि बिशप की गिरफ्तारी करने का फैसला जांच अधिकारी पर निर्भर करता है। कोर्ट ने जांच को सीबीआई को सौंपने से मना कर दिया है।
Jalandhar Bishop didn't stay in Kuravilangad convent on 5.5.14 as claimed in rape complaint by the nun. On 23.5.15, they can be seen at a function with the Bishop in a photo. All this points that there was no rape: Missionaries of Jesus Inquiry Commission's findings. #Kerala https://t.co/eNxXtyEJxv
— ANI (@ANI) September 14, 2018