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Kerala: पत्नी ने लगाया बेरहमी से पीटने और गला घोंटने का आरोप, आरोपी पति के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी
Fri, 17 May 2024 12:39 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोझिकोड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोझिकोड
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Fri, 17 May 2024 12:39 PM IST
सार
महिला ने आरोप लगाया कि 11 मई को उसके पति ने उसे पीटा था और मोबाइल चार्जर के तार से उसका गला दबा दिया था। बाद में पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने जांच टीम का गठन किया।
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crime demo
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक नवविवाहित महिला पर बेरहमी से हमला करने और उसे मारने की कोशिश करने के मामले पर केरल पुलिस सख्त रुख अपना रही है। पहले राज्य की महिला आयोग ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। वहीं अब आरोपी पति के खिलाफ इंटरपोल ने ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया है।
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आरोपी के जर्मनी भागने की अटकलें
पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि ऐसी अटकलें हैं कि आरोपी शख्स जर्मनी भाग गया है, जहां वह काम करता है। कोझिकोड के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की कि आरोपी शख्स के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है। अधिकारी ने कहा, 'ब्लू कॉर्नर नोटिस को जारी करने के लिए विदेश मंत्रालय के माध्यम से इंटरपोल को अनुरोध भेजा गया था।' इससे पहले, पुलिस आरोपी शख्स राहुल पी गोपाल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर चुकी है।
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बता दें, अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग निकाय इंटरपोल किसी व्यक्ति की पहचान, स्थान या अपराध के संबंध में गतिविधियों के बारे में अपने सदस्य देशों से अतिरिक्त जानकारी एकत्र करने के लिए ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करता है।
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पांच मई को हुई थी शादी
गौरतलब है, महिला से कोझिकोड के रहने वाले और जर्मनी में काम करने वाले 29 वर्षीय एयरोनॉटिकल इंजीनियर राहुल ने पांच मई को शादी की थी। नवविवाहित महिला और उसके परिवार ने राहुल पर कई बड़े आरोप लगाए हैं। महिला ने आरोप लगाया कि दहेज के लिए 11 मई को राहुल ने उसे पीटा और मोबाइल चार्जर के तार से उसका गला दबा दिया था, लेकिन उसकी जान बच गई। 12 मई को उसने इस घटना के बारे में अपनी मां को बताया।
मंगलवार से मीडिया ने इस घटना को बड़े पैमाने पर उठाया। पीड़िता ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और राज्य महिला आयोग से शिकायत की। पुलिस ने जांच टीम का गठन किया और राहुल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया।
आरोपी की मां ने आरोपों से किया इनकार
इस बीच, आरोपी शख्स की मां ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने अधिक दहेज की मांग की थी। उनका दावा था कि उनकी बहू ससुराल में रहने से इनकार कर रही थी। इसी को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। राहुल की मां ने आगे कहा कि उन्हें नहीं पता कि राहुल कहां है, क्योंकि वह मंगलवार शाम को घर से निकला था और वापस नहीं लौटा।
दूसरी ओर, पीड़िता के पिता का आरोप है कि राहुल ने पहले भी अन्य लड़कियों को शादी के नाम पर यह वादा करके धोखा दिया था कि उन्हें जर्मनी ले जाएगा।उन्होंने कहा कि पुलिस को इस पहलू की भी जांच करनी है और यह भी देखना है कि क्या उसे ड्रग्स लेने की आदत थी। हालांकि, आशंका है कि गिरफ्तारी के डर से राहुल मंगलवार आधी रात को देश से बाहर चला गया।
केरल महिला आयोग मामले पर सख्त
पुलिस कार्रवाई के अलावा, केरल महिला आयोग (केडब्ल्यूसी) और राज्य मानवाधिकार आयोग भी इस मामले पर बारीकी से नजर रख रहा है। जांच एजेंसी से रिपोर्ट मांगी है। केडब्ल्यूसी ने शुरू में महिला की शिकायत को गंभीरता से नहीं लेने के लिए पुलिस को भी फटकार लगाई थी।
केरल महिला आयोग (केडब्ल्यूसी) की अध्यक्ष पी. सतीदेवी ने कहा था कि केरल महिला आयोग को पीड़िता की ओर से एक शिकायत मिली, जिसके बाद पंथिरनकावु पुलिस थाना प्रभारी को इस मामले का विवरण जानने के लिए बुलाया गया। पंथिरनकावु में ही दूल्हे का परिवार रहता है।
सतीदेवी ने कहा था, 'हमें जो शिकायत मिली है उसमें महिला ने ससुराल पक्ष पर उसके साथ क्रूरता करने के गंभीर आरोप लगाए हैं और उसे इस सिलसिले में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन जब वह पुलिस से इसकी शिकायत करने पहुंची तो उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके बजाय मुझे जो समझ में आया वह यह है कि पुलिस ने यह कहा कि महिला इस मामले को सुलझाए और इतनी क्रूरता का सामना करने के बावजूद अपने पति के साथ ही रहे।'
पुलिस के रुख की आलोचना करते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा था, ‘जो पुलिस अधिकारी यह सोचते हैं कि पतियों को अपनी पत्नियों को शारीरिक नुकसान पहुंचाने का अधिकार है तो यह बल का अपमान करना है।'