आईएस में शामिल हुए युवक ने घरवालों को बताया, 'हम यहां मजे में हैं'
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जिंदगी के लिए इस्लाम के असली रास्ते की तलाश में कुछ दिन पहले घर छोड़कर फरार हुए केरल के युवकों में से कुछ ने कसारगोड जिले में अपने परिजनों से संपर्क किया है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि युवकों ने आईएस का हाथ थाम लिया है।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार ताजा घटनाक्रम में बीते शुक्रवार को जिले के पडन्ना के रहने वाले अशफाक ने टेलीग्राम मैसेंजर के जरिए वॉयस मैसेज से अपने परिजनों से बातचीत की।
पुलिस के सूत्रों के अनुसार अशफाक ने परिजनों को बताया कि वह ठीक है उसने अपनी मां से भी कहा वह कि वह मजे में है। सूत्र के अनुसार युवक की बहन ने हालांकि दोबारा उससे संपर्क करने का प्रयास नहीं किया।
कुछ ऐसे ही संदेश दूसरे परिवारों को भी मिले जिनके युवा घर छोड़कर आईएस में शामिल होने के लिए चले गए थे। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि ये युवा कहां गए हैं लेकिन संदेह है कि उन्होंने खुंखार आतंकी संगठन आईएस का दामन थाम लिया है।
परिजनों को मैसेज कर दी जानकारी
पुलिस के एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि हम मामले पर पूरी निगाह रखे हुए हैं, हम नहीं चाहते कि पुलिस की किसी कार्रवाई से युवकों के संपर्क का रास्ता बंद हो जाए। कुछ युवाओं ने कुछ दिन पहले ही अपने घरवालों से संपर्क किया है। इस दौरान घरवालों ने उनसे पूछा है कि वे क्यों इस नरक में रह रहे हैं। लेकिन युवाओं का कहना था कि वे यहां मजे में हैं।
सूत्र ने बताया कि हमें अब तक यह पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है कि फरार हुए युवा आईएस नियंत्रित इलाके में हैं या कहीं और। रविवार को केरल पुलिस मुंबई से गिरफ्तार हुए आरिश कुरैशी और रिजवान को केरल ले आई।
दोनों को गायब चल रही युवती मरीन उर्फ मरियम को इस्लाम स्वीकार करवाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। युवती के भाई ने आरोप लगाया था कि दोनों इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के साथ जुड़े हुए थे जिसने मरियम को जबरन इस्लाम धर्म में परिवर्तित कर दिया। पुलिस सूत्र ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों का लापता युवकों से परिचय सामने आ रहा है।