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केरल देश का पहला राज्य जहां यूवी तकनीक से फेस मास्क और चीजें होंगी कीटाणुमुक्त

Fri, 12 Jun 2020 03:53 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। 
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।  Published by: योगेश साहू Updated Fri, 12 Jun 2020 03:53 AM IST
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Kerala is the first state in the country where UV technology will have face masks and things disinfected
बिन-19 मशीन - फोटो : dst.gov.in

कोरोना संक्रमण से बचने में मास्क बेहद कारगर है। परंतु मास्क को एकत्र करके कीटाणुमुक्त करना एक चुनौती है। इस चुनौती को समाप्त करने के लिए बिन-19 नाम का डिस्पोजल डिवाइस तैयार किया गया है। इसे श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नॉलाजी-एससीटीआईएमएसबी ने यूवी आधारित तकनीक से विकसित किया है।

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इसे भारत के एर्नाकुलम के प्रशासनिक मुख्यालय में स्थापित कर दिया गया है। एससीटीआईएमएसबी का डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नॉलॉजी (डीएसटी) भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है। आईओटी आधारित डिवाइस बिन-19 (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) का इस्तेमाल लोगों के उपयोग किए गए मास्क को एकत्र कर कीटाणुरहित करने के लिए किया जाता है।
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श्री चित्रा भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीसीआर) के दिशा-निर्देशों के अनुसार देश में अल्ट्रा वायलेट आधारित उपकरणों का परीक्षण करने वाली एजेंसी है। एससीटीआईएमएसबी की ओर से प्रमाणित वीएसएल मोबिलिटी सॉल्यूशंस का बिन-19 एक यूवी प्रकाश (अल्ट्रा वायलेट किरण) आधारित बहुउद्देशीय कीटाणुनाशक है।
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इसमें पराबैंगनी कीटाणुशोधन लैंप के साथ बहुउद्देशीय कीटाणुनाशक उपकरण है। यूवीसी लैंप वाला यह डिवाइस सूक्ष्म जीवों को भी आंतरिक सतहों से समाप्त करने में सक्षम है। बिन-19 या यूवी स्पॉट कोरोना संक्रमण को समाप्त करने के साथ पर्यावरण की जरूरतों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उत्पाद साबित हो सकता है। 

केरल में सबसे पहले उपयोग
केरल देश का पहला राज्य है जहां इस तरह का प्रयोग करके फेस मास्क को संक्रमणमुक्त किया जा रहा है। एससीटीआईएमएसबी की निदेशक डॉक्टर आशा किशोर ने कहा कि यह सार्वजनिक स्थानों खासतौर पर अस्पतालों के लिए काफी कारगर होगा।

इसके अलावा यह बड़े संस्थानों, शैक्षिक संस्थानों, अस्पतालों और घरों में भी कोरोना संक्रमण के चलते फेस मास्क, पीपीई किट, पर्स, लैपटॉप और अन्य सामानों को संक्रमण मुक्त करने में खासा मददगार साबित होगा।

कैसे काम करता है

बिन-19 के कामकाज के बारे में बात करें तो इसमें एक कंटेनर है, जिसमें संक्रमण वाले मास्क और अन्य सामानों को विशेष प्रक्रिया से कीटाणुरहित करने के लिए गिरा दिया जाता है। इसके बाद कीटाणुरहित मास्क दूसरे कंटेनर में स्थानांतरित कर दिए जाते हैं।

मास्क को कंटेनर में डालने वाला शख्स इसमें जुड़ी स्वचलित सैनिटाइजर डिस्पेंसर मशीन की मदद से अपने हाथों को सैनिटाइज कर सकता है। इस बिन में सारी प्रक्रिया ऑटोमैटिक है। इसलिए बिन को संचालित करने के लिए किसी भी स्विच को छूने की जरूरत नहीं पड़ती है। 

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