{"_id":"614dd97e8ebc3e0103696e14","slug":"kerala-high-court-comment-which-god-will-listen-to-the-prayer-of-a-priest-who-molests-children","type":"story","status":"publish","title_hn":"केरल हाईकोर्ट की टिप्पणी: 'जो पुजारी बच्चों से छेड़खानी करता है, उसकी प्रार्थना कौन-सा भगवान सुनेगा'","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
केरल हाईकोर्ट की टिप्पणी: 'जो पुजारी बच्चों से छेड़खानी करता है, उसकी प्रार्थना कौन-सा भगवान सुनेगा'
Fri, 24 Sep 2021 07:28 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 24 Sep 2021 07:28 PM IST
सार
केरल हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में एक पुजारी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उसके कृत्यों को लेकर हैरानी जताई।
विज्ञापन
केरल हाईकोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केरल हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में फैसला सुनाते हुए एक पुजारी के कृत्यों को लेकर अहम बातें कहीं। कोर्ट ने कहा, 'हमें आश्चर्य होता है कि कौन-सा भगवान ऐसे पुजारी की प्रार्थना व पूजा-अर्चना स्वीकार करेगा, जिसने एक नाबालिग से उसके भाई-बहनों के सामने बार-बार छेड़खानी की।'
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने आरोपी की अपील पर यह टिप्पणी की जिसे नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने को दोषी ठहराया गया था। जस्टिस के विनोद और जस्टिस जियाद रहमान की पीठ ने केरल के मंजेरी के रहने वाले पुजारी मधु को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही कोर्ट ने फैसले में आरोपी के कृत्यों को लेकर सख्त टिप्पणियां की हैं। कोर्ट ने कहा, 'जब कोई व्यक्ति अपनी पत्नी और बच्चों का परित्याग कर देता है तब मंडराते गिद्ध न केवल उस महिला बल्कि उसके बच्चों को भी अपना शिकार बनाते हैं। इस मामले में हमने एक ऐसे पुजारी को देखा जिसने बड़ी लड़की से उसके भाई-बहनों की मौजूदगी में छेड़छाड़ की। हमें आश्चर्य होता है कि कौन-सा भगवान भगवान एक ऐसे पुजारी की प्रार्थना स्वीकार करता होगा या उसे माध्यम मानता होगा?'
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने पोक्सो अदालत के आदेश के खिलाफ सुनवाई करते हुए यह बातें कही। कहा कि बलात्कार का अपराध साबित हो जाने के बाद आरोपी धारा 376 (1) के तहत दोषी करार देने के लायक है। आरोपी का पीड़िता के साथ विशेष संबंध और अभिभावक के दर्जे पर गौर करते हुए हाईकोर्ट ने उसे अधिकतम सजा सुनाई।
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार गंभीर मानसिक बीमारी के लक्षण वाली मां और उसके तीन बच्चों को एक मार्च, 2013 को पुलिस ने भटकते हुए पाया था। पूछताछ के दौरान सबसे बड़ी लड़की ने पुलिस के सामने खुलासा कि उसकी मां जिस व्यक्ति के साथ रह रही थी वह एक साल से उसका यौन उत्पीड़न कर रहा था। कोर्ट ने कहा कि आरोपी मंदिर का पुजारी नशे में घर आता था, मां और बच्चों के साथ मारपीट करता था और बड़ी लड़की पर उसके भाई-बहनों के सामने यौन हमला करता था। जांच में यौन हमले की पुष्टि हुई है।