{"_id":"5b2c62504f1c1b644d8b7ec3","slug":"kerala-high-court-clears-malayalam-magazine-s-breastfeeding-cover","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्तनपान कराती महिला की तस्वीर को हाईकोर्ट ने नहीं माना अश्लील","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
स्तनपान कराती महिला की तस्वीर को हाईकोर्ट ने नहीं माना अश्लील
एजेंसी. कोच्चि
Updated Fri, 22 Jun 2018 09:16 AM IST
विज्ञापन
मलयालम पत्रिका 'गृहलक्ष्मी' के कवर पेज पर स्तनपान की फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसी के लिए जो अश्लीलता है, दूसरे के लिए कलाकारी हो सकती है। एक आदमी के लिए बेहूदगी, दूसरे के लिए गीता जैसी हो सकती है। ये टिप्पणी करते हुए केरल हाईकोर्ट का मलयालम भाषा की एक पाक्षिक पत्रिका के खिलाफ लगाई गई याचिका खारिज करते हुए मार्च में दिया गया आदेश बृहस्पतिवार को सभी के सामने सार्वजनिक किया गया।
विज्ञापन
ये याचिका पत्रिका के मुखपृष्ठ पर एक महिला मॉडल को बच्चे को स्तनपान कराते हुए दिखाने के कारण कार्रवाई की मांग करते हुए लगाई गई थी। तत्कालीन चीफ जस्टिस एंटोनी डोमिनिक (अब सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने फेलिक्स एमए नाम के आदमी की तरफ से लगाई गई इस याचिका को खारिज करते हुए कहा, हम अपने श्रेष्ठ प्रयास के बावजूद इस तस्वीर में अश्लीलता नहीं देख पा रहे हैं।
विज्ञापन
ना ही इसके कैप्शन में एक आदमी के लिए कोई आपत्तिजनक बात खोज पाए हैं। हमने इस तस्वीर को उसी नजर से देखा है, जिनसे हम राजा रवि वर्मा जैसे चित्रकारों की पेंटिंग देखते हैं। जैसे सुंदरता दर्शक की आंखों में बसी होती है, वैसे ही शायद अश्लीलता भी दर्शक की निगाह में होती है।
विज्ञापन