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Kerala: हाईकोर्ट ने प्रभारी कुलपति के रूप में नियुक्ति को सही ठहराया, राज्यपाल के आदेश को बरकरार रखा

Tue, 29 Nov 2022 04:52 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 29 Nov 2022 04:52 PM IST
सार

केरल हाईकोर्ट ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के उस आदेश को बरकरार रखा है, जो उन्होंने केरल तकनीकी विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति के रूप में सीजा थोमस की नियुक्ति को लेकर दिया था।

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Kerala HC upholds Governor Arif Mohammed Khans order appointing Ciza Thomas as VC in-charge of KTU
केरल हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

केरल हाईकोर्ट ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के उस आदेश को बरकरार रखा है, जो उन्होंने केरल तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति के रूप में सीजा थॉमस की नियुक्ति को लेकर दिया था। सीजा थॉमस तकनीकी शिक्षा निदेशालय के वरिष्ठ संयुक्त निदेशक हैं। 

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हाईकोर्ट ने मंगलवार को सीजा थॉमस को एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति के रूप में जारी रखने की अनुमति दी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जल्द से जल्द एक चयन समति का गठन करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने जल्द ही नए कुलपति को नियुक्त करने का निर्देश दिया। 
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केरल सरकार के द्वारा सीजा थॉमस की नियुक्ति पर रोक लगाने की मां की गई थी। न्यायमूर्ति देवन रामचंद्र ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि कुलपति के रूप में राज्यपाल यूजीसी के नियमों के आधार पर नियुक्तियां कर सकते हैं। 
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हाईकोर्ट ने कहा, विश्वविद्यालय, कुलाधिपति और यूजीसी से आग्रह है कि वे अपने-अपने नाम दें और एक चयन समिति का गठन करें। यदि संभव हो तो तीन से चार महीने के भीतर कुलपति की नियुक्ति करें। कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्यपाल ने थॉमस को नियुक्त करने से पहले सभी संभावित विकल्पों पर विचार किया था। 

इससे पहले हाईकोर्ट ने केटीयू के प्रभारी कुलपति की नियुक्ति पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा, कुलपति के नाम की सिफारिश करने का अधिकार राज्य सरकार के पास है। कोर्ट ने राज्यपाल के इस तर्क को भी स्वीकार किया कि यूजीसी के नियमों के अनुसार अस्थायी नियुक्तियां की जा सकती हैं। 


कोर्ट ने कहा, इस तरह के मुकदमे छात्रों और शिक्षाविदों के मनोबल को प्रभावित करते हैं। इसने कहा, हम अपने विश्वविद्यालयों की छवि को धूमिल करने की अनुमति नहीं दे सकते। 
 

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