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लड़की पर अभद्र टिप्पणी का मामला: हाईकोर्ट ने कहा- पिता और बेटी भद्दी टिप्पणी सुने बिना सड़क पर एक साथ नहीं चल सकते, ये दुर्भाग्यपूर्ण
Thu, 24 Mar 2022 03:23 PM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि ।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि ।
Published by: अजय सिंह
Updated Thu, 24 Mar 2022 03:23 PM IST
सार
लड़की के पिता पूर्व पुलिस अधिकारी रह चुके हैं। बेटी के साथ सड़क से जा रहे थे तभी आरोपी ने अनुचित टिप्पणी की। विरोध करने पर आरोपी ने पिता को हेलमेट से मारा, जिससे वह घायल हो गए।
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केरल हाईकोर्ट
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
केरल उच्च न्यायालय ने उस व्यक्ति को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया, जिसने सड़क पर एक लड़की के साथ अनुचित टिप्पणी की थी। घटना के समय लड़की के पिता द्वारा विरोध करने पर आरोपी ने उनसे मारपीट भी की थी। कोर्ट ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक पिता और बेटी भद्दी टिप्पणी सुने बिना सड़क पर एक साथ नहीं चल सकते।
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हाईकोर्ट ने कहा कि 14 वर्षीय बेटी के खिलाफ भद्दी टिप्पणियों पर आपत्ति जताने पर आरोपी ने पिता को हेलमेट से मारा, जिससे वह घायल हो गए।
अदालत ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अगर कोई आदमी और उसकी बेटी भद्दी टिप्पणी सुने बिना सड़क पर एक साथ नहीं चल सकते। यह सब रुकना चाहिए। वहीं, आरोपी ने दावा किया कि लड़की के पिता ने उस पर और उसके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति पर हमला किया था। इस पर अदालत ने कहा कि कोई भी अभिभावक अपने बच्चे के खिलाफ ऐसी भद्दी टिप्पणी सुनेगा, तो उसकी यही प्रतिक्रिया होगी।
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आरोपी ने अदालत से यह भी कहा कि उसके खिलाफ एकमात्र गैर-जमानती अपराध भारतीय दंड संहिता की धारा 308 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास) के तहत था, जिसे तत्काल मामले में लागू नहीं किया गया।
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अभियोजन पक्ष ने अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए दलील दी कि सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी अपनी 14 वर्षीय बेटी के साथ सड़क पर चल रहे थे, जब याचिकाकर्ता और एक अन्य आरोपी ने उनके खिलाफ भद्दी टिप्पणियां कीं। पिता ने इसका विरोध किया तो उनके सीने पर हेलमेट से हमला कर दिया।