Kerala: विधेयक पर राज्यपाल की मंजूरी की समय सीमा तय नहीं कर सकते, केरल हाईकोर्ट ने खारिज की PIL
पीआईएल खारिज करते हुए केरल हाईकोर्ट ने कहा कि विधेयकों पर राज्यपाल कितने समय में फैसला करें, यह समय सीमा तय करने का काम उसका नहीं है। विधायिका यानी विधानसभा या संसद ही इस बारे में कोई कानून या नियम तय कर सकती है।
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केरल हाईकोर्ट ने विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को राज्यपाल की मंजूरी की समय सीमा तय करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने इस मांग से संबंधित जनहित याचिका (PIL) खारिज कर दी।
पीआईएल खारिज करते हुए केरल हाईकोर्ट ने कहा कि विधेयकों पर राज्यपाल कितने समय में फैसला करें, यह समय सीमा तय करने का काम उसका नहीं है। विधायिका यानी विधानसभा या संसद ही इस बारे में कोई कानून या नियम तय कर सकती है।
Kerala HC dismisses the PIL seeking to set a time limit for the Gov for taking a decision on bills passed by Assembly. While dismissing the PIL, Court observed, "it's not the duty of court to fix a time limit to decide on bills by the Governor & it's for the legislature to do so" pic.twitter.com/Z2IbPBdK8Y
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 30, 2022
बता दें, देश के कई राज्यों में विधानसभाओं द्वारा पारित विधेयक या कानून विभिन्न कारणों से राजभवनों में लंबे समय तक अटके रहते हैं। इन्हें राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद ही लागू किया जा सकता है, इसलिए संबंधित राज्य सरकारें परेशानी महसूस करती हैं। उनकी राजभवन से अक्सर शिकायत रहती है कि पारित विधेयकों को तत्काल मंजूरी नहीं दी जाती है। जिन राज्यों में सरकारों व राज्यपालों के बीच संबंध मधुर नहीं होते या तकरार भरे होते हैं, वहां यह समस्या ज्यादा नजर आती है।
जनहित याचिका इसी परेशानी को दूर करने के मांग करते हुए दायर की गई थी। केरल भी ऐसे ही राज्यों में आता है। केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि राज्यपाल के लिए समय सीमा तय करना हमारा कर्तव्य नहीं है।