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सबरीमाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से किया इनकार, सीएम ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

Wed, 14 Nov 2018 10:21 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Updated Wed, 14 Nov 2018 10:21 AM IST
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Kerala government convened all party meeting to discuss sabarimala issue
सबरीमाला मंदिर - फोटो : PTI

उच्चतम न्यायालय ने सबरीमला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने वाले अपने 28 सितंबर के फैसले पर रोक लगाने से बुधवार को इंकार कर दिया। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने सबरीमला मामले में न्यायालय के फैसले पर रोक लगाने की मांग करने वाले वकील से 22 जनवरी तक इंतजार करने को कहा, जब संविधान पीठ पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।


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मामले का उल्लेख अधिवक्ता मैथ्यूज जे नेदुमपारा ने किया। उन्होंने नेशनल अयप्पा डिवोटीज (वीमन्स) एसोसिएशन की तरफ से पुनर्विचार याचिका दायर की है।

वहीं केरल सरकार ने सबरीमाला मुद्दे पर बातचीत के लिए 15 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से ही भगवान अयप्पा के मंदिर में भारी विरोध प्रदर्शन हो रहा है। कोर्ट ने आदेश में रजस्वला आयु वर्ग की सभी महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया था। लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद भी किसी महिला को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
 


बैठक को बुलाने का फैसला भी उसी दिन लिया गया है जब सुप्रीम कोर्ट ने अपने 28 सितंबर को लिए फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। साथ ही कोर्ट ने अपने फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 22 जनवरी को खुली अदालत में पुर्नविचार का निर्णय लिया। कोर्ट ने इस मामले में न्यायालय के फैसले पर रोक लगाने की मांग करने वाले वकील से 22 जनवरी तक इंतजार करने को कहा है और उनकी याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है।

दो महीने तक चलने वाले वार्षिक मंडल मक्कराविलक्कू की शुरुआत 17 नवंबर को होगी। इस बैठक में श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया जाएगा। जब अक्तूबर में मासिक पूजा के लिए मंदिर पांच दिनों के लिए खुला था तब भी अयप्पा भक्तों ने रजस्वला आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश का विरोध किया। दोबारा जब मंदिर खुला तब भी यही हालात थे।

इस दौरान करीब 3700 लोगों को गिरफ्तार किया गया और राज्य में विरोध प्रदर्शन कर हिंसा फैलाने वाले लोगों के खिलाफ 546 मामले भी दर्ज हुए। बीते हफ्ते केरल पुलिस की ऑनलाइन वेबसाइट पर 500 युवा महिलाओं ने दर्शन करने के लिए पंजीकरण कराया है।

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