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केरल में निपाह वायरस, 86 लोग डॉक्टर की निगरानी में, केंद्रीय मंत्री ने भेजी स्वास्थ्य टीम

Tue, 04 Jun 2019 10:10 AM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Nilesh Kumar Updated Tue, 04 Jun 2019 10:10 AM IST
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Kerala Government confirms Nipah virus case, Preparation at war level started
निपाह वायरस केरल - फोटो : PTI

केरल में एक बार फिर निपाह वायरस का प्रकोप फैलता दिख रहा है। यहां के कोच्चि में एक छात्र को निपाह वायरस की चपेट में आने का संदेह था, जिसके बाद पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान(एनआईवी) ने जांच के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव बताया है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने भी कोच्चि के एर्नाकुलम के छात्र के निपाह वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि की है। इधर, केंद्र सरकार भी केरल सरकार से संपर्क में बनी हुई है और हर संभव मदद करने को आश्वस्त किया है। 

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन ने कहा कि उन्होंने केरल की स्वास्थ्य मंत्री से बात की है और केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। हमलोग वन विभाग से भी संपर्क में हैं, ताकि चमगादड़ों में निपाह वायरस का पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि सुबह में अपने आवास पर स्वास्थ्य सचिव समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इससे पहले सोमवार को ही छह अधिकारियों की टीम को केरल भेजा जा चुका है। 
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छात्र के संपर्क में आने वाले 86 लोग डॉक्टर की निगरानी में

केरल की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने कहा कि छात्र जिन 86 लोगों के संपर्क में आया, उनकी सूची तैयार कर ली गई है और वे चिकित्सीय निगरानी में हैं। केरल के स्वास्थ्य विभाग ने निपाह के प्रकोप से निपटने के लिए एहयतियाती उपाय करना शुरू कर दिए हैं। शैलजा ने तिरुवनंतपुरम में कहा कि कोच्चि के कलामसेरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अलग वार्ड बनाए गए हैं।

पिछले साल भी फैला था प्रकोप 

Kerala Government confirms Nipah virus case, Preparation at war level started
File Photo

केरल में पिछले साल भी निपाह वायरस का प्रकोप फैला था। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने पिछले साल कोझीकोड और मलप्पुरम जिलों में निपाह वायरस से सफलतापूर्वक जंग लड़ी थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस बारे में अफवाह न फैलाने की अपील की है। कहा है कि किसी भी तरह की गलत जानकारी फैला कर कोई भी नागरिक जनता के बीच डर पैदा ना करें। 

सीएम को दी जानकारी, निबटने की पूरी तैयारी

स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री पी. विजयन को इस घटनाक्रम के बारे में बताने के बाद मंत्री कोच्चि पहुंची। उन्होंने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की थी। स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से नहीं घबराने की अपील की है और कहा है कि डरने की कोई जरुरत नहीं है, सरकार स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि कोझीकोड से चिकित्सा विशेषज्ञ पहले ही कोच्चि पहुंच गए हैं और स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त दवाएं तथा चिकित्सा उपकरण हैं। 

निपाह वायरस के बारे में वह सब कुछ जो आपको जानना चाहिए

Kerala Government confirms Nipah virus case, Preparation at war level started
Nipah Virus

क्या है निपाह वायरस, कैसे पड़ा नाम?

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन(डब्लूएचओ) के अनुसार निपाह तेजी से उभरता वायरस है, जो जानवरों और इंसानों में गंभीर बीमारी को जन्म देता है। 
  • निपाह के बारे में सबसे पहले 1998 में मलेशिया के कम्पंग सुंगाई निपाह गांव से इसक पता चला था। वहीं से इस वायरस को ये नाम मिला। 
  • उस वक्त इस बीमारी के वाहक सूअर बनते थे। इसके बाद जहां-जहां निपाह के बारे में पता चला, इस वायरस को लाने-ले जाने वाले कोई माध्यम नहीं थे। 
  • साल 2004 में बांग्लादेश में कुछ लोग इस वायरस की चपेट में आए।
  • इन लोगों ने खजूर के पेड़ से निकलने वाले तरल को चखा था और इस तरल तक वायरस को लाने वाले चमगादड़ थे, जिन्हें फ्रूट बैट कहा जाता है।


भारत में निपाह वायरस का प्रकोप

  • भारत में पहली बार टेरोपस गिगेंटस चमगादड़ में इस वायरस का पता चला था।
  • साल 2001 में पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी में व्यक्ति से व्यक्ति में इसके फैलने का पता चला।
  • सिलिगुड़ी में निपाह वायरस से 66 लोग इसकी चपेट में आए, जबकि 45 लोगों की मौत हो गई।
  • साल 2007 में पश्चिम बंगाल के नादिया में पांच लोग इसकी चपेट में आए और पांचों लोगों की मौत हो गई। 
  • केरल में मई 2018 में 18 लोग इस वायरस की चपेट में आए, जिनमें से 17 लोगों की मौत हो गई।
  • मरने वालों में मरीजों का इलाज करने वाली नर्स भी शामिल थी। 


बीमारी के लक्षण

  • सिर दर्द, तेज बुखार, सुस्ती
  • उलझन, याद्दाश्त कमजो होना, भ्रम होना 
  • मिर्गी आना और दौरे पड़ना
  • हालत ज्यादा खराब हो तो मरीज कोमा में भी जा सकता है। 
  • निपाह वायरस हवा से नहीं बल्कि एक संक्रमित से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।


संक्रमण से बचाव और इलाज

  • पक्षियों या जानवरों का चखा/खाया/खुरचा हुआ फल न खाएं।
  • उस व्यक्ति के नजदीक न जाएं जो इस वायरस से पीड़ित हो।
  • इस वायरस की वजह से जिनकी मौत हुई हो, उनके शव से भी दूर रहें।
  • पीड़ित व्यक्ति के नजदीक जाना पड़े तो मुंह पर मास्क और हाथों में ग्लब्स पहनें। 
  • अगर तेज बुखार हो तो तुरंत अस्पताल जाएं।
  • इस बीमारी के इलाज के लिए कोई वैक्सीन नहीं है।
  • इस बीमारी के लक्षणों का ही इलाज किया जा सकता है।


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