बाढ़ के हालात का जायजा लेने केरल जाएंगे प्रधानमंत्री, अब तक 167 की मौत
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केरल की बाढ़ अब रौद्र रूप ले चुकी है। बाढ़ और लगातार हो रही बारिश से अभी तक यहां 167 लोग जान गंवा चुके हैं। फिलहाल कावेरी और लक्ष्मण नदी खतरे के निशान से उपर बह रही है। केरल में बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। बारिश और भूस्खलन की घटनाओं में पिछले 24 घंटे में 42 से ज्यादा मौतें हुई है। इन्हें मिलाकर राज्य में 8 दिन में 167 मौतें हो चुकी हैं। बाढ़ से सेंट्रल केरल के कई हिस्सों में ट्रांसपॉर्ट सिस्टम ठप है। पानी भरने से कोच्चि एयरपोर्ट 26 अगस्त तक बंद कर दिया गया है। मुल्लापेरियार समेत सभी 35 डैम भर चुके हैं, जिससे सभी डैम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। बाढ़ से 1.5 लाख से ज्यादा लोग राहत शिविरों में भेजे गए हैं। फिलहाल कावेरी और लक्ष्मण नदी खतरे के निशान से उपर बढ़ रही है।
केरल में अब तक सामान्य से 31 फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है। 15 अगस्त तक 160 सेमी बारिश होनी थी, जबकि राज्य में 208 सेमी वर्षा हो चुकी है। पलक्कड, वायनाड और कोच्चि ने पहली बार बाढ़ का सामना कर रहा है। 1924 के बाद पहली बार केरल में इतनी खतरनाक बाढ़ आई है। तब 3 हफ्तों तक बारिश हुई थी, जिससे पूरा केरल जलमग्न हो गया था। तब कुल बारिश 337 सेमी हुई थी। रक्षा मंत्रालय वहां रेसक्यू और रिलीफ ऑपरेशन चला रहा है। वहीं 1300 लाइफ जैकेट, 571 लाइफ बोट, 1000 रेन कोट सहित 1200 से अधिक खाने का सामान, 1500 फूड पैकेट सहित पीने का पानी पहुंचाया गया है।
इसी बीच बाढ़ से त्रस्त राज्य के हालातों का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी केरल पहुंचेंगे। मोदी ने ट्वीट करते हुए बताया कि केरल में बाढ़ की वजह से बने दुर्भाग्यपूर्ण हालात का जायजा लेने के लिए वह जल्द ही केरल के लिए रवाना होंगे। उन्होंने आज सुबह केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से बात की। मोदी ने कहा, ‘हमने राज्यभर में बने बाढ़ के हालात पर चर्चा की और बचाव अभियान का जायजा लिया।’ प्रधानमंत्री बीते दो दिन से विजयन के संपर्क में बने हुए हैं। ़़
बता दें कि गुरूवार को भारी बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण 30 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा त्रिशूर, कन्नूर और कोझिकोड़ में भी भूस्खलन होने की भी खबर है। 8 अगस्त से हो रही बारिश में अब तक कुल 167 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें 55 मौतें केवल पिछले दो दिनों में हुई हैं। हालांकि मुख्यमंत्री विजयन का कहना है कि बाढ़ से मरने वालो की संख्या 167 हो गई है। केरल के कई जिलों में बाढ़ से स्थिति भयावह हो चुकी है। पथानामथिट्टा जिले के रन्नी में बाढ़ में फंसे 20 लोगों को एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर तिरुवनंतपुरम लाया गया है। 14 जिलों में हाई अलर्ट जारी है और अब तक 1.5 लाख लोगों को राहत शिविरों में ले जाया गया है।
स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी, परीक्षा स्थगित कर दी गई है जबकि पूरे राज्य में विद्युत आपूर्ति, संचार प्रणाली, पेयजल आपूर्ति बाधित है। कासरगोड़ को छोड़कर बाकी सभी जिलों में स्कूल-कॉलेजों में छ़ुट्टी घोषित कर दी गई है। स्कूल और कॉलेजों ने अपनी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। कोझिकोड और करीपुर में 13 सेमी, कोच्चि में 24 घंटे में 11 सेमी बारिश हुई है। अभी तक 20 हजार घर, 10 हजार किमी सड़कें बर्बाद हो चुकी हैं। बीते 7 दिन में राज्य में सामान्य से 257% ज्यादा बारिश हो चुकी है। एक अनुमान में बता 6800 करोड़ के नुकसान हो चुका है। केंद्र ने 350 करोड़ रुपए सहायता राशि के तौर पर दिए हैं। जबकि मुख्यमंत्री पी विजयन ने पीएम नरेंद्र, गृहमंत्री राजनाथ से मदद बढ़ाने की गुहार लगाई है।
कोच्चि समेत 3 जिले पहली बार बाढ़ की चपेट में है। कोच्चि एयरपोर्ट को भी 10 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि 94 साल बाद यहां भीषण बाढ़ आई है।
बाढ़ और भूस्खलन के बाद अब नौ जिलों में तूफान का खतरा
मौसम विभाग ने राज्य के 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा तिरूअनंतपुरम, कोल्लम, अलप्पुझा, पथनमथित्ता, कोट्टयम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, कोझिकोड में तूफान की आशंका जताई है। हवाओं की रफ्तार 60 किमी या उससे ज्यादा रहेगी। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया केंद्र (एनईआरसी) ने बताया- केरल में मानसूनी घटनाओं में 29 मई से अब तक 256 मौतें हो चुकी है। 132 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया है जबकि एयरक्राफ्ट हैंगर राहत कैंप बनाया गया है।
नागर विमानन महानिदेशालय द्वारा जारी एहतियात और सुरक्षा चेतावनी नोटिस (नोटाम) के अनुसार कोच्चि हवाई अड्डे को 26 अगस्त 2018 तक के लिए बंद कर दिया गया है। हवाई अड्डा 26 अगस्त को (वैश्विक समन्वित समय) 0830 तक बंद रहेगा।
अभी तक त्रिवेन्द्रम और कालीकट के लिए दोहा से कालीकट आने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट को छोड़कर जिसका मार्ग बदलकर बैंगलोर कर दिया गया था अन्य सभी उड़ाने सामान्य रूप से संचालित होती रही हैं। कोच्चि से विभिन्न स्थानों के लिए उड़ानों के बारे में जानकारी के लिए बड़ी संख्या में यात्रियों ने कंट्रोल रूम से संपर्क किया है। ऐसे यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी आगे की यात्रा के लिए त्रिवेन्द्रम या कालीकट होकर जाएं। कालीकट और त्रिवेन्द्रम से उड़ाने संचालित करने वाली एयरलाइनों से कहा गया है कि वे मौजूदा हालात में यात्रियों को राहत देने के लिए बिना किसी अतिरिक्त किराए के अपनी उड़ानों के समय में परिवर्तन करें।
गो एयर ने कोच्चि से आने जाने वाली अपनी छह उड़ाने 18 अगस्त तक के लिए रद्द कर दी हैं। गो एयर अपनी उड़ानों की सारी जानकारी अपने यात्रियों को फोन, एसएमएस, ईमेल या फिर कॉल सेन्टर के जरिए उपलब्ध करा रहा है। कंपनी ने यात्रियों को यात्रा की तारीख में बदलाव का विकल्प भी दिया है।
त्रिवेंद्रम के लिए एयर अरेबिया की शारजा से आने वाली उड़ान, एमिरेट्स की दुबई से आने वाली उड़ान, मस्कट्स से आने वाली ओमान एयर की उड़ान, दोहा से आने वाली कतर एयरवेज की उड़ान,जेद्दा से आने वाली सऊदी अरेबियन एयरलाइन की उड़ान तथा कोलंबो से आने वाली श्रीलंकन एयरलाइन की उड़ान के समय में परिर्वतन को डीजीसीए की अनुमति मिल गयी है।