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केरल: अस्पताल के बाहर खड़ी बस में डॉक्टर ने कराया महिला का प्रसव, जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित. सामने आया वीडियो
Fri, 31 May 2024 12:51 PM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा झा
Updated Fri, 31 May 2024 12:51 PM IST
सार
बुधवार को केरल में एक 37 वर्षीय महिला ने एक अस्पताल के ठीक बाहर सार्वजनिक बस में एक बच्ची को जन्म दिया।
केरल के एक अस्पताल के बाहर खड़ी महिला का प्रसव बस के अंदर ही कराया। डॉक्टर ने बताया महिला अस्पताल आने में संभव नहीं थी, इसलिए बस में ही प्रसव कराना पड़ा।
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केरल में बस में कराया महिला का प्रसव
- फोटो : एएनआई
विस्तार
केरल के एक अस्पताल के बाहर खड़ी महिला का प्रसव बस के अंदर ही कराया। डॉक्टर ने बताया महिला अस्पताल आने में संभव नहीं थी, इसलिए बस में ही प्रसव कराना पड़ा।
बुधवार को 37 वर्षीय महिला सेरेना अपने पति के साथ केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बस में त्रिशूर से कोझिकोड जा रही थीं। तभी अचानक महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उसकी स्थिति और आपातस्थिति को देखते हुए, बस सीधे त्रिशूर के अमला अस्पताल पहुंची।
वहां सेरेना के पति ने डॉक्टर को बुलाया। सेरना को देखने के बाद डॉक्टरों और नर्सों को एहसास हुआ कि उसे अस्पताल में नहीं ले जा सकते। डॉक्टरों का कहना है कि सेरेना की प्रसव पीड़ा के अंतिम चरण पर थी। इसलिए डॉक्टरों ने बस के अंदर ही प्रसव कराने का निर्णय लिया। डॉक्टरों और नर्सों को महिला का प्रसव कराने के लिए बस से यात्रियों को बाहर निकाला गया।
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अमाला अस्पताल के डॉ. यासिर सुलेमान ने बताया, "प्रसव पीड़ा की पहले ही शुरू हो गई थी। उस समय, हम महिला को आपातकालीन विभाग में नहीं ले जा सकते थे। डॉक्टर ने बताया कि बच्चे को बाहर निकालना पड़ा और वहीं गर्भनाल काटनी पड़ी। हमने सुनिश्चित किया कि बच्चा और माँ सुरक्षित रहें। उन्होंने बताया कि अभी दोनों महिला और बच्ची स्वस्थ हैं।
बच्चे को एनआईसीयू (नियो-नेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) में स्थानांतरित कर दिया गया है, महिला भी डॉक्टरों की निगरानी में है। वहीं सोशल मीडिया पर भी तस्वीरें और वीडियो भी शेयर की गई हैं। जिसमें बस अस्पताल के बाहर खड़ी दिखाई दे रही है। वहीं कर्मचारी मां और बच्चे की मदद के लिए दौड़ते हुए आ रहे हैं।
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बुधवार को 37 वर्षीय महिला सेरेना अपने पति के साथ केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बस में त्रिशूर से कोझिकोड जा रही थीं। तभी अचानक महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उसकी स्थिति और आपातस्थिति को देखते हुए, बस सीधे त्रिशूर के अमला अस्पताल पहुंची।
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वहां सेरेना के पति ने डॉक्टर को बुलाया। सेरना को देखने के बाद डॉक्टरों और नर्सों को एहसास हुआ कि उसे अस्पताल में नहीं ले जा सकते। डॉक्टरों का कहना है कि सेरेना की प्रसव पीड़ा के अंतिम चरण पर थी। इसलिए डॉक्टरों ने बस के अंदर ही प्रसव कराने का निर्णय लिया। डॉक्टरों और नर्सों को महिला का प्रसव कराने के लिए बस से यात्रियों को बाहर निकाला गया।
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#WATCH | Kerala | A woman gave birth to a girl child in a KSRTC bus in Thrissur. Later, she was brought to the Amala Hospital. (29.05)
(Source: Amala Hospital PRO) pic.twitter.com/NxBW490Beg— ANI (@ANI) May 31, 2024
अमाला अस्पताल के डॉ. यासिर सुलेमान ने बताया, "प्रसव पीड़ा की पहले ही शुरू हो गई थी। उस समय, हम महिला को आपातकालीन विभाग में नहीं ले जा सकते थे। डॉक्टर ने बताया कि बच्चे को बाहर निकालना पड़ा और वहीं गर्भनाल काटनी पड़ी। हमने सुनिश्चित किया कि बच्चा और माँ सुरक्षित रहें। उन्होंने बताया कि अभी दोनों महिला और बच्ची स्वस्थ हैं।
बच्चे को एनआईसीयू (नियो-नेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) में स्थानांतरित कर दिया गया है, महिला भी डॉक्टरों की निगरानी में है। वहीं सोशल मीडिया पर भी तस्वीरें और वीडियो भी शेयर की गई हैं। जिसमें बस अस्पताल के बाहर खड़ी दिखाई दे रही है। वहीं कर्मचारी मां और बच्चे की मदद के लिए दौड़ते हुए आ रहे हैं।