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केरल: 111 साल तक रहना होगा जेल में, नाबालिग से बलात्कार के मामले में शिक्षक को सुनाई सजा
Tue, 31 Dec 2024 09:42 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Tue, 31 Dec 2024 09:42 PM IST
सार
Kerala:
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केरल के तिरुवनंतपुरम की फास्ट ट्रैक अदालत ने पांच साल पहले 11वीं कक्षा की छात्रा को बहला-फुसलाकर उससे बलात्कार करने के जुर्म में एक शिक्षक को 111 साल के सश्रम कारावास की मंगलवार को सजा सुनाई है। उसपर 1.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत के आदेश अनुसार, यदि दोषी मनोज जुर्माना नहीं भर पाता है तो उसे एक साल की और सजा काटनी होगी। मनोज की पत्नी को जब पता चला कि उसके पति ने एक नाबालिग से बलात्कार किया है तो उसने आत्महत्या कर ली थी। यह घटना 2 जुलाई, 2019 की है।
रेप कर खींचीं थी अश्लील तस्वीरें
न्यायाधीश आर.रेखा ने इस संगीन मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि, मनोज पर किसी भी तरह की दया नहीं की जा सकती। अभियोजन के पक्ष के अनुसार, दोषी मनोज एक सरकारी कर्मचारी है और वह अपने घर पर 'ट्यूशन' पढ़ाता था। मनोज ने छात्रा को विशेष कक्षा का बहाना बनाकर अपने घर पर बुलाया और उससे बलात्कार किया था। यही नहीं उसने अपने मोबाइल से छात्रा की आपत्तिजनक तस्वीरें भी खींच लीं।
दुष्कर्म की घटना के बाद बच्ची बहुत डर गई थी और उसने ट्यूशन आना बंद कर दिया था। इसके बाद आरोपी ने बाद में तस्वीरें वायरल कर दीं। घटना सामने आने के बाद पीड़िता के परिवार ने इस मामले में शिकायत दर्ज करायी थी। जिसके बाद पुलिस ने मनोज को गिरफ्तार कर लिया और उसका फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया, जिसके बाद फोन में पीड़ित नाबालिग की आपत्तिजनक तस्वीरें मिली थी।
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अपने बचाव में मनोज ने दावा किया था कि घटना के दिन वह कार्यालय में था तथा उसने हस्ताक्षर सहित पंजीकृत अवकाश रिकार्ड भी प्रस्तुत किया था। हालांकि, अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत आरोपी के फोन के कॉल रिकॉर्ड से पता चला कि घटना के दिन मनोज ट्यूशन पढ़ा रहा था।
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रेप कर खींचीं थी अश्लील तस्वीरें
न्यायाधीश आर.रेखा ने इस संगीन मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि, मनोज पर किसी भी तरह की दया नहीं की जा सकती। अभियोजन के पक्ष के अनुसार, दोषी मनोज एक सरकारी कर्मचारी है और वह अपने घर पर 'ट्यूशन' पढ़ाता था। मनोज ने छात्रा को विशेष कक्षा का बहाना बनाकर अपने घर पर बुलाया और उससे बलात्कार किया था। यही नहीं उसने अपने मोबाइल से छात्रा की आपत्तिजनक तस्वीरें भी खींच लीं।
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दुष्कर्म की घटना के बाद बच्ची बहुत डर गई थी और उसने ट्यूशन आना बंद कर दिया था। इसके बाद आरोपी ने बाद में तस्वीरें वायरल कर दीं। घटना सामने आने के बाद पीड़िता के परिवार ने इस मामले में शिकायत दर्ज करायी थी। जिसके बाद पुलिस ने मनोज को गिरफ्तार कर लिया और उसका फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया, जिसके बाद फोन में पीड़ित नाबालिग की आपत्तिजनक तस्वीरें मिली थी।
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अपने बचाव में मनोज ने दावा किया था कि घटना के दिन वह कार्यालय में था तथा उसने हस्ताक्षर सहित पंजीकृत अवकाश रिकार्ड भी प्रस्तुत किया था। हालांकि, अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत आरोपी के फोन के कॉल रिकॉर्ड से पता चला कि घटना के दिन मनोज ट्यूशन पढ़ा रहा था।