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Kerala: पिता ने किया था छह साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म, ताउम्र रहेगा अब सलाखों के पीछे
Wed, 01 May 2024 02:30 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Wed, 01 May 2024 02:30 PM IST
सार
तिरुवनंतपुरम फास्ट ट्रैक विशेष अदालत (एफटीएससी) की न्यायाधीश आर रेखा ने व्यक्ति को पॉक्सो अधिनियम के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सुनवाई इस साल 29 मार्च को शुरू हुई थी और एक महीने के भीतर पूरी हो गई।
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जेल
- फोटो : प्रतीकात्मक
विस्तार
केरल से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक पापी पिता ने सारी हदें पार कर दी। उसने अपनी छह साल की नाबालिग बेटी का बार-बार यौन उत्पीड़न किया। हालांकि, अब अदालत ने इस जुर्म में एक व्यक्ति को तीन आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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तिरुवनंतपुरम फास्ट ट्रैक विशेष अदालत (एफटीएससी) की न्यायाधीश आर रेखा ने व्यक्ति को पॉक्सो अधिनियम के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
21 साल की सजा
विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) आरएस विजय मोहन ने मंगलवार को व्यक्ति को दी गई सजा की पुष्टि करते हुए कहा कि पिता को इसके अलावा यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा अधिनियम (पॉक्सो) और आईपीसी के विभिन्न प्रावधानों के तहत कुल 21 साल की अलग-अलग सजाएं सुनाई गई हैं।
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इतना जुर्माना भी लगा
एसपीपी ने आगे कहा कि इसके अलावा अदालत ने 40 साल के व्यक्ति पर 90 हजार का जुर्माना भी लगाया है। उन्होंने बताया कि हालांकि सजा साथ-साथ काटनी होगी इसलिए व्यक्ति आजीवन कारावास की सजा काटेगा। उन्होंने कहा कि व्यक्ति पिता के नाम पर धब्बा है। जिस पिता को अपनी बेटी की रक्षा करनी चाहिए थी, उसने रिश्तों की सभी मर्यादा तार-तार कर दी। व्यक्ति ने जघन्य अपराध किया है।
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यह है मामला
गौरलतब है, यह घटना जुलाई 2023 में हुई थी जब पीड़िता की मां खाड़ी क्षेत्र में काम कर रही थी। इस दौरान बच्ची अपने पिता और दादी के घर पर रह रही थी। एसपीपी ने कहा कि बच्ची का यौन उत्पीड़न तब किया गया जब वह अपने पिता के साथ रह रही थी। बच्ची के अनुसार उसका पिता उसे मोबाइल फोन दिखाने का वादा करके उसे कमरे के अंदर ले गया और फिर बच्ची का यौन उत्पीड़न किया।
अभियोजक ने कहा कि बच्ची को जब दर्द हुआ तो उसने अपनी दादी को बताया जो उसे डॉक्टर के पास ले गई थीं। बच्ची ने डॉक्टर को बताया कि उसके साथ क्या हुआ। डॉक्टर ने तुरंत पुलिस को शिकायत दी। अभियोजक ने कहा कि यहां तक कि पीड़िता की 15 वर्षीय बहन ने भी अदालत में गवाही दी कि पिता जब नशे में घर आता था तो वह अनुचित व्यवहार करता था।
एसपीपी ने कहा कि मामले में सुनवाई इस साल 29 मार्च को शुरू हुई और एक महीने के भीतर पूरी हो गई।