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Kerala: सीएम विजयन बोले- कुछ लोगों के अड़चन डालने से केरल में उच्च शिक्षा में सुधार से नहीं डरेंगे

Wed, 26 Oct 2022 01:04 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, तिरुवनंतपुरम।
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम। Published by: देव कश्यप Updated Wed, 26 Oct 2022 01:04 AM IST
सार

एक कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम विजयन ने कहा कि ऐसे लोग होंगे जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए राज्य की प्रगति के प्रति असहिष्णु हैं और और वे सरकार की राह में रोड़ा पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि "हम इस तरह की बाधाओं या अवरोधों से न तो डरेंगे और न ही इससे दूर भागेंगे, बल्कि हम उच्च शिक्षा के क्षेत्र को समयबद्ध तरीके से मजबूत करने के अपने उद्देश्य के साथ आगे बढ़ेंगे।

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Kerala CM Pinarayi Vijayan said Will not be scared off from improving higher education by tricks of some
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन। - फोटो : Twitter@CPIM Kerala

विस्तार

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मंगलवार को कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा में सुधार की कोशिश करते हुए किसी के अड़चन डालने से नहीं डरेंगे। मुख्यमंत्री का यह बयान सत्तारूढ़ पार्टी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) द्वारा राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के खिलाफ दो दिवसीय राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन शुरू करने के बाद आया है। दरअसल राज्य के कई विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के खिलाफ राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के हालिया कदमों को लेकर एलडीएफ ने दो दिवसीय राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन शुरू किया है।

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बाधाओं या अवरोधों से न तो डरेंगे: सीएम
यहां एक कार्यक्रम में बोलते हुए विजयन ने कहा कि ऐसे लोग होंगे जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए राज्य की प्रगति के प्रति असहिष्णु हैं और और वे सरकार की राह में रोड़ा पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि "हम इस तरह की बाधाओं या अवरोधों से न तो डरेंगे और न ही इससे दूर भागेंगे, बल्कि हम उच्च शिक्षा के क्षेत्र को समयबद्ध तरीके से मजबूत करने के अपने उद्देश्य के साथ आगे बढ़ेंगे। जो लोग इसे बर्दाश्त या स्वीकार नहीं कर सकते, वे विभिन्न तरह की चालें चल रहे हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि अपनी चालों को वे अपने पास रखें। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए पाठ्यक्रम शुरू करने की प्रक्रिया में है ताकि लोगों के ज्ञान के आधार में सुधार किया जा सके ताकी राज्य में और राज्य के बाहर रोजगार के विभिन्न अवसरों की आवश्यकताओं के अनुसार उन्हें कौशल सिखाया जा सके। इस तरह आने वाले वर्षों में लाखों लोगों को लाभकारी रोजगार मिल सकेगा।
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माकपा ने विरोध-प्रदर्शन की शुरुआत की
इससे पहले माकपा के राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने मंगलवार को दिन में राजभवन के पास विरोध-प्रदर्शन की शुरुआत की। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बुधवार को भी राज्यभर में विरोध-प्रदर्शन होंगे। केरल में कई विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से इस्तीफे मांगने के राज्यपाल के हालिया फैसलों के खिलाफ कुछ शैक्षणिक संस्थानों सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में विरोध मार्च निकाले गए।
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सभी एक साथ मिलकर काम करेंः आर बिंदू
इससे पहले दिन में राज्य की उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदू ने कहा कि वह नहीं चाहती कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में और विश्वविद्यालयों में संघर्ष का माहौल हो, बल्कि वह चाहती हैं कि सभी एक साथ मिलकर काम करें। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के मुरलीधरन ने कहा कि राज्यपाल के फैसले से परीक्षा कार्यक्रम बाधित होगा और परिणाम में देरी होगी जिससे छात्रों के अध्ययन या रोजगार के लिए केरल से बाहर जाने के विकल्प और अवसर बाधित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और राज्यपाल दोनों की गलती है। उन्होंने गलतियां की हैं और इसलिए उन्हें मिलकर समाधान पर काम करना चाहिए। मुरलीधरन ने कहा कि पूरे मामले में विपक्ष की कोई भूमिका नहीं है और वह राज्यपाल का समर्थन नहीं कर रहा है।

इस बीच कन्नूर विश्वविद्यालय के वीसी गोपीनाथ रवींद्रन ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य में इस तरह उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संकट पैदा करने के पीछे एक 'राजनीतिक मकसद' हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति ने नियुक्तियां की हैं, उसे किसी भी तरह की अवैधता या त्रुटिपूर्णता के लिए जवाबदेह होना चाहिए।

सरकार ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के निलंबन को अमान्य घोषित किया
पुडुचेरी में प्रादेशिक प्रशासन ने मंगलवार को पुडुचेरी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (पीटीयू) के कुलपति द्वारा जारी आदेश को अमान्य घोषित कर दिया। कुलपति ने पीटीयू के रजिस्ट्रार को निलंबित कर दिया था। एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पीटीयू अधिनियम 2019 और विश्वविद्यालय के कानून के प्रावधानों के अनुसार, कुलपति को विश्वविद्यालय के किसी भी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का अधिकार नहीं है क्योंकि केवल कुलाधिपति (पुडुचेरी के लेफ्टिनेंट गवर्नर) के पास ऐसी शक्तियां निहित हैं।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि रजिस्ट्रार के खिलाफ आदेश जारी करने से पहले मामले में उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था और इसलिए यह अमान्य है। विश्वविद्यालय के कुलपति एस मोहन ने 20 अक्तूबर को एक आदेश के माध्यम से रजिस्ट्रार जी शिवराडजे को निलंबित कर दिया था। उन्होंने कहा था कि रजिस्ट्रार द्वारा कथित भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और पीटीयू और पिछले पुडुचेरी इंजीनियरिंग कॉलेज के धन के दुरुपयोग के लिए कार्रवाई की गई।


कुलपति ने अपने निलंबन आदेश में कहा था कि रजिस्ट्रार के खिलाफ लगाए गए आरोप सही थे। उन्होंने कहा था कि रजिस्ट्रार के खिलाफ सार्वजनिक मंचों और मीडिया में भी आरोप लगे हैं। रजिस्ट्रार को सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय (पुडुचेरी) नहीं छोड़ने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद उपराज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन, जो विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हैं, के निर्देशों के तहत उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग के अवर सचिव द्वारा उसी दिन कुलपति द्वारा आदेश जारी किए जाने के कुछ घंटे बाद (बिना कोई कारण बताए) निलंबन को रद्द कर दिया गया था। 

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