Malayalam Daily: मलयालम अखबार को यूएई में प्रतिबंधित कराने के दावे पर सीएम विजयन बोले, ऐसा नहीं होना चाहिए था
केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने कहा कि वह इस बारे में पूर्व मंत्री केटी जलील से बात करेंगे और उसके बाद आगे के कदम पर फैसला किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि अगर ऐसा पत्र भेजा गया था, तो ऐसा नहीं होना चाहिए था। वहीं केटी जलील ने समाचार पत्र प्रबंधन के आरोपों को गलत बताया।
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केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मंगलवार को कहा कि अगर विधायक और राज्य के पूर्व मंत्री केटी जलील ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शासक को राज्य के एक क्षेत्रीय समाचार पत्र 'मध्यम' को वहां प्रतिबंधित करने के लिए कोई पत्र भेजा था, तो ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था। दरअसल, एक दिन पहले सोमवार को केरल के क्षेत्रीय समाचार पत्र ‘मध्यमम’ के प्रबंधन ने पूर्व मंत्री और विधायक केटी जलील के खिलाफ केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से संपर्क किया था। प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि जलील ने समाचार पत्र की खबर के आधार पर इसे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में प्रतिबंधित कराने का प्रयास किया था।
विजयन ने कहा कि उन्होंने विधानसभा सत्र के समापन के बाद से जलील से बात नहीं की है और जल्द ही इस मुद्दे पर उनसे बात करने वाले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे के संबंध में समाचार पत्र प्रबंधन उनसे पहले ही मिल चुका है। यह मामला हाल ही में राजनयिक बैग मामले के माध्यम से सोने की तस्करी के प्रमुख आरोपी स्वप्ना सुरेश द्वारा केरल उच्च न्यायालय में दायर एक हलफनामे में एक खुलासे में सामने आया था, जिसमें जलील की शिकायत पर स्वप्ना सुरेश के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की याचिका दायर की गई थी। स्वप्ना सुरेश ने हाल ही में दावा किया था कि जलील ने यूएई में अखबार को प्रतिबंधित करने का प्रयास किया था, जिसके बाद 'मध्यमम' प्रबंधन ने मुख्यमंत्री से संपर्क करने का फैसला किया था।
अगर ऐसा पत्र भेजा गया था, तो ऐसा नहीं होना चाहिए था: सीएम विजयन
विजयन ने कहा कि वह इस बारे में जलील से बात करेंगे और उसके बाद आगे के कदम पर फैसला किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यहां एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, "अगर ऐसा पत्र भेजा गया था, तो ऐसा नहीं होना चाहिए था।"
इससे एक दिन पहले, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए कहा था कि पिछले विजयन कैबिनेट के एक मंत्री द्वारा संयुक्त अरब अमीरात के शासक को पत्र लिखना प्रोटोकॉल का उल्लंघन था और यदि यह बिना सीएम की जानकारी के किया गया था, तो मुख्यमंत्री को इसकी जांच करनी चाहिए।
केटी जलील ने आरोपों से किया इनकार
'मध्यमम' प्रबंधन ने कहा कि उन्होंने मंत्री द्वारा प्रोटोकॉल के उल्लंघन की ओर इशारा किया था, जिन्होंने सीधे यूएई के महावाणिज्य दूत को लिखा था और मुख्यमंत्री ने उनकी शिकायत का सकारात्मक जवाब भी दिया था। हालांकि, जलील ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि 'मध्यमम' ने कोविड-19 के कारण विदेशों में मारे गए लोगों की तस्वीरें प्रकाशित करके अनिवासी केरलवासियों के बीच चिंता पैदा की थी। जलील ने पीटीआई से कहा था कि उन्होंने महावाणिज्य दूत के ध्यान में एक ऐसी खबर की ओर ध्यान दिलाया था, जिसमें दावा किया गया था कि खाड़ी क्षेत्र में इलाज के अभाव में केरलवासियों की मौत हो रही है।
'मध्यमम' के मुख्य संपादक ओ अब्दुर्रहमान ने अपने एक बयान में कहा है कि "एक राज्य मंत्री का दूसरे देश के वाणिज्य दूतावास को पत्र लिखना प्रोटोकॉल का उल्लंघन था। साथ ही, उनका कार्य प्रेस की स्वतंत्रता के खिलाफ एक कदम था। यहां तक कि सीपीआई (एम) ने भी स्पष्ट कर दिया है कि यह पार्टी का स्टैंड नहीं था। अब , हमने मुख्यमंत्री से मुलाकात की है। सीएम ने कहा कि उन्हें पत्र के बारे में पता नहीं था और वह आवश्यक कार्रवाई करेंगे। हम उनकी प्रतिक्रिया से संतुष्ट हैं।"
हालांकि, जलील ने कहा कि मुख्यमंत्री ने भी 26 जून, 2020 को खाड़ी देशों में जान गंवाने वालों की तस्वीरों के प्रकाशन की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने 'मध्यमम' द्वारा प्रकाशित समाचार रिपोर्ट का विवरण जानने के लिए अपनी व्यक्तिगत ईमेल आईडी से महावाणिज्य दूत को एक ईमेल भेजा था, जिसमें दावा किया गया था कि उचित उपचार के अभाव में कई केरलवासी विदेशों में मर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैंने इसे महावाणिज्य दूत के ध्यान में लाया था। मैंने कभी किसी मीडिया हाउस पर प्रतिबंध लगाने की मांग नहीं की।"