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आखिरकार दलित दूल्हे को मिली ठाकुरों के गांव में बारात ले जाने की अनुमति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Updated Mon, 09 Apr 2018 07:53 PM IST
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संजय जाटव
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आखिरकार दलित दूल्हे संजय कुमार जावट को प्रशासन ने बारात चढ़ाने की अनुमति दे दी है। बता दें कि संजय करीब दो महीने से अदालतों और अधिकारियों के चक्कर लगा रहा थे। इसके बाद भी इन्हें बारात चढ़ाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। संजय अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई कर रहे हैं।
संजय की शादी ठाकुर बाहुल्य गांव में तय हुई है। इसके लिए संजय ने अपनी बारात घोड़ी से चढ़ाने की मांग की थी। लेकिन प्रशासन ने यह कहते हुए मना कर दिया था कि आज तक इस गांव में दलितों की बारत नहीं चढ़ी है इसलिए झगड़ा होने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने अनुमति देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद 27 वर्षीय संजय ने हाईकोर्ट तक के चक्कर लगाए। यही नहीं संजय ने सीएम योगी और पीएम मोदी को भी इस बारे में पत्र लिखकर मदद मांगी थी। काफी कश्माकश के बाद संजय को अपनी बारात घोड़ी से चढ़ाने की इजाजत मिल गई है।
कोई हिंसा हो इसेक लिए ठाकुर और दलित परिवारों ने एक पेपर पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि इस बारात में किसी भी राजनैतिक या अन्य संगठन के शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई है। वहीं बारात में ऐसे लोगों के जाने पर भी रोक लगा दी गई है जिनके पास हथियार हैं। वहीं क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है। किसी प्रकार की हिंसा न हो इसके लिए गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। एफिडेविट पर 40 ठाकुर जबकि 5 दलित परिवारों ने हस्ताक्षर किए हैं।
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अनुमति मिलने के बाद दलित परिवारों ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह सच्चाई की जीत है। संजय उत्तर प्रदेश में हाथरस के बसई बाबा गांव के रहने वाले हैं। संजय जाटव ने सीएम योगी को पत्र लिखकर पूछा था कि क्या मैं हिंदू नहीं हूं? जबकि हमारा संविधान सबको बराबर का हक देता है। उन्होंने कहा कि फिर मैं इन सब परेशानियों को क्यों फेस कर रहा हूं। बता दें की संजय की शादी २० अप्रैल शीतल से होनी है। संजय की बारात हाथरस के बसई बाबा गांव से कासगंज के निजामपुर गांव जाएगी।
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संजय की शादी ठाकुर बाहुल्य गांव में तय हुई है। इसके लिए संजय ने अपनी बारात घोड़ी से चढ़ाने की मांग की थी। लेकिन प्रशासन ने यह कहते हुए मना कर दिया था कि आज तक इस गांव में दलितों की बारत नहीं चढ़ी है इसलिए झगड़ा होने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने अनुमति देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद 27 वर्षीय संजय ने हाईकोर्ट तक के चक्कर लगाए। यही नहीं संजय ने सीएम योगी और पीएम मोदी को भी इस बारे में पत्र लिखकर मदद मांगी थी। काफी कश्माकश के बाद संजय को अपनी बारात घोड़ी से चढ़ाने की इजाजत मिल गई है।
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कोई हिंसा हो इसेक लिए ठाकुर और दलित परिवारों ने एक पेपर पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि इस बारात में किसी भी राजनैतिक या अन्य संगठन के शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई है। वहीं बारात में ऐसे लोगों के जाने पर भी रोक लगा दी गई है जिनके पास हथियार हैं। वहीं क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है। किसी प्रकार की हिंसा न हो इसके लिए गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। एफिडेविट पर 40 ठाकुर जबकि 5 दलित परिवारों ने हस्ताक्षर किए हैं।
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अनुमति मिलने के बाद दलित परिवारों ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह सच्चाई की जीत है। संजय उत्तर प्रदेश में हाथरस के बसई बाबा गांव के रहने वाले हैं। संजय जाटव ने सीएम योगी को पत्र लिखकर पूछा था कि क्या मैं हिंदू नहीं हूं? जबकि हमारा संविधान सबको बराबर का हक देता है। उन्होंने कहा कि फिर मैं इन सब परेशानियों को क्यों फेस कर रहा हूं। बता दें की संजय की शादी २० अप्रैल शीतल से होनी है। संजय की बारात हाथरस के बसई बाबा गांव से कासगंज के निजामपुर गांव जाएगी।