{"_id":"5b6bba2e4f1c1b75568b61d2","slug":"karunanidhi-never-become-mp-but-parliament-adjourned-its-proceedings-for-him","type":"story","status":"publish","title_hn":"करुणानिधि कभी नहीं बने सांसद लेकिन उनके लिए पहली बार स्थगित हुए संसद के दोनों सदन","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
करुणानिधि कभी नहीं बने सांसद लेकिन उनके लिए पहली बार स्थगित हुए संसद के दोनों सदन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Updated Thu, 09 Aug 2018 09:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजनीति, लेखन, स्क्रिप्ट लिखने जैसी कई कलाओं में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले तमिलनाडु के पांच बार मुख्यमंत्री रहे एम करुणानिधि को बुधवार शाम पूरे राजकीय सम्मान के साथ मरीना बीच दफना दिया गया। उन्हें उनके गुरु और पूर्व मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुरई की समाधि के पास दफनाया गया है। यहीं पर अन्नाद्रमुक के संस्थापक एमजी रामचंद्रन और पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की समाधि भी है।
विज्ञापन
ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी ऐसे दिवंगत नेता के लिए संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही को स्थगित किया गया जो कभी सांसद नहीं बने। यही कारण था कि राज्यसभा के सभापति वेकैंया नायडू ने इसके लिए सांसदों से राय मांगी थी। जिसपर सभी ने अपनी स्वीकृति दी थी। मंगलवार को करुणानिधि को दफनाने के लिए राज्य सरकार ने मरीना बीच पर जगह देने से मना कर दिया था। जिसके बाद बुधवार को हाईकोर्ट ने उन्हें मरीना बीच पर दफनाने का फैसला दिया।
विज्ञापन
करुणानिधि को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके हजारों समर्थक राजाजी हॉ़ल पहुंचे थे। वह किसी भी तरह से अपने नेता को आखिरी बार देखना चाहते थे। इसी वजह से वहां धक्का-मुक्की होने लगी। जिसकी वजह से दो लोगों की मौत और 30 से ज्यादा घालय हो गए। इसके बाद करुणानिधि के बेटे एमके स्टालिन ने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की। उनके ताबूत पर लिखा गया- जिस शख्स ने जिंदगी में कभी आराम नहीं किया, वह अब आराम कर रहा है।
विज्ञापन