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K. Chidambaram: 'भाजपा का न अयोध्या चला न तमिल समागम, दक्षिण में कांग्रेस को और मजबूत करने का बनाया यह प्लान'
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कार्ति चिदंबरम।
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अमर उजाला
विस्तार
पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम के बेटे और तमिलनाडु के शिवगंगा से कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा भाजपा ने अयोध्या को सियासी मुद्दा बनाया। लेकिन जनता ने उनको नकार दिया। बनारस में तमिल समागम हुआ। लेकिन उसका मकसद सियासी था। नतीजा तमिलनाडु में भाजपा का स्कोर शून्य ही रहा। फिलहाल कांग्रेस दक्षिण खासकर तमिलनाडु में अब अपनी और मजबूत सियासी जमीन तैयार करेगी। उत्तर और दक्षिण की सियासत को लेकर कार्ति चिदंबरम ने अमर उजाला डॉट कॉम से विशेष बात की।कार्ति चिदंबरम ने बताया कि दक्षिण मे खासकर तमिलनाडु में कांग्रेस आने वाले दिनों में और मजबूती से आगे की सियासी जमीन तैयार करेगी। वह कहते हैं कि सियासी तौर पर कांग्रेस अकेले लंबे समय से सत्ता में नहीं रही है। इसलिए वह अपने सहयोगी के साथ है। यह पूछने पर कि क्या कांग्रेस अकेले ही तमिलनाडु में आगे बढ़ेगी, तो वह कहते हैं कि उनकी पार्टी अपने सभी सहयोगियों के साथ आगे ही बढ़ रही है। हालांकि उनका कहना है कि पार्टी लंबे वक्त से अकेले सत्ता में नहीं है। इसलिए उनकी तैयारियां आगे के लिए बेहद मजबूत हैं।
कार्ति कहते हैं कि भाजपा ने दक्षिण में कोशिश बहुत की कि वह जातियों में बांटने वाले अपने एजेंडे के साथ यहां की सियासत में बंटवारा करे। लेकिन वह इन मंसूबों में फेल हो गई। उनका कहना है कि भाजपा दक्षिण में किसी भी महत्वपूर्ण मुकाम को नहीं हासिल कर पाई। खासकर तमिलनाडु में उनका भले थोड़ा वोट प्रतिशत बढ़ा हो, लेकिन वह सीट नहीं जीत सकी। कांग्रेस के नेता उसका कारण बताते हुए कहते हैं कि यहां पर न अयोध्या और न तमिल समागम का कोई मुद्दा काम आया।
कार्ति कहते हैं कि अयोध्या को लेकर भाजपा ने जिस तरह से सियासत की, उसे जनता में नकार दिया। वह कहते हैं कि उससे ज्यादा और क्या हो सकता है कि भाजपा अयोध्या सीट खुद हार गई। तमिलनाडु में सियासत करने के लिहाज से भाजपा ने बनारस में तमिल समागम किए। लेकिन उसका मकसद लोगों को आपस में जोड़ने की बजाय सियासत ज्यादा थी। इसलिए भाजपा उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में हारती गई।
कार्ति कहते हैं कि हिंदुत्व को लेकर भाजपा ने जो चाल चली वो फेल हो गई। भाजपा को दक्षिण मे जो चाहिए था, वो हासिल नहीं हुआ। भाजपा के दक्षिण में सीटों और वोट प्रतिशत पर चिदंबरम ने कहा केरल में जीते भाजपा के सांसद बड़े फिल्म स्टार हैं। उनकी जीत में भाजपा को कोई योगदान नहीं है। बल्कि उनकी जीत व्यक्तिगत है। रही बात वोट प्रतिशत की, तो भाजपा का उससे कोई फायदा नहीं हुआ।