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करतारपुर कॉरिडोर: भारत ने जताई उम्मीद, वक्त रहते हो जाएगा समझौते पर हस्ताक्षर, पाक अड़ा
Fri, 18 Oct 2019 05:16 AM IST
अमित मंडल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Fri, 18 Oct 2019 05:16 AM IST
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पाक की तरफ से अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा से आगे तैयार किया जा रहा करतारपुर कॉरिडोर
- फोटो : AmarUjala
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भारत ने गुरुवार को उम्मीद जताई है कि पाकिस्तान और भारत के बीच बनने वाले करतारपुर कॉरिडोर के परिचालन को लेकर जल्द ही दोनों देशों के बीच समझौता हो जाएगा। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान से भारतीय श्रद्धालुओं पर 20 डॉलर का शुल्क नहीं लगाने की बात भी कही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर पर भारत और पाकिस्तान के बीच कई दौर की बातचीत के बाद लगभग हर मामले में सहमति बन गई है सिवाय श्रद्धालुओं पर सेवा शुल्क लगाने के।
पाकिस्तान सभी श्रद्धालुओं पर 20 डॉलर करीब 1420 रुपये का शुल्क लगाने पर जोर दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान से गुजारिश की है कि श्रद्धालुओं की भावना व हितों को देखते हुए वह यह शुल्क न लगाए। इसके साथ ही यह कॉरिडोर लोगों (पीपुल टू पीपुल) की पहल के कारण ही खोला जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐतिहासिक 550वें प्रकाश पर्व समारोह से पहले ही जल्द इस पर दस्तखत हो जाएंगे।
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बता दें कि पाकिस्तान ने भारत को भेजे अंतिम मसौदे में करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए आने वाले भारतीय श्रद्धालुओं से 3120 पाकिस्तानी रुपये (20 डॉलर) वसूलने का प्रस्ताव बरकरार रखा है।
हालांकि भारत पहले भी इस प्रस्ताव पर अपनी आपत्ति जता चुका है। दरअसल, सिख श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में हर साल करतारपुर आने को देखते हुए इस्लामाबाद इसे अपनी कमाई का अच्छा मौका मान रहा है।
पाक के अंतिम मसौदे के अनुसार, हर कोई बिना किसी पाबंदी के करतारपुर कॉरिडोर का इस्तेमाल कर सकता है। भारत को कम से कम 10 दिन पहले श्रद्धालुओं की एक सूची पाकिस्तान को सौंपनी होगी और इस पर वह 4 दिन में जवाब देगा। करतारपुर साहिब जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को जीरो प्वाइंट पर परिवहन की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आठ नवंबर को इस कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। यह कॉरिडोर पंजाब के गुरदासपुर स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा को पाकिस्तान स्थित दरबार साहिब गुरुद्वारा को जोडे़गा।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर पर भारत और पाकिस्तान के बीच कई दौर की बातचीत के बाद लगभग हर मामले में सहमति बन गई है सिवाय श्रद्धालुओं पर सेवा शुल्क लगाने के।
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पाकिस्तान सभी श्रद्धालुओं पर 20 डॉलर करीब 1420 रुपये का शुल्क लगाने पर जोर दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान से गुजारिश की है कि श्रद्धालुओं की भावना व हितों को देखते हुए वह यह शुल्क न लगाए। इसके साथ ही यह कॉरिडोर लोगों (पीपुल टू पीपुल) की पहल के कारण ही खोला जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐतिहासिक 550वें प्रकाश पर्व समारोह से पहले ही जल्द इस पर दस्तखत हो जाएंगे।
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Raveesh Kumar: Pakistan insists on levying a fee of USD 20 (approx. Rs. 1420) on all pilgrims. We've urged Pakistan not to do so in the interests of devotees,& also because this is a P2P initiative. We hope that the Agreement can be concluded & signed in time for the great event" https://t.co/liXXStUl93
— ANI (@ANI) October 17, 2019
बता दें कि पाकिस्तान ने भारत को भेजे अंतिम मसौदे में करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए आने वाले भारतीय श्रद्धालुओं से 3120 पाकिस्तानी रुपये (20 डॉलर) वसूलने का प्रस्ताव बरकरार रखा है।
हालांकि भारत पहले भी इस प्रस्ताव पर अपनी आपत्ति जता चुका है। दरअसल, सिख श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में हर साल करतारपुर आने को देखते हुए इस्लामाबाद इसे अपनी कमाई का अच्छा मौका मान रहा है।
पाक के अंतिम मसौदे के अनुसार, हर कोई बिना किसी पाबंदी के करतारपुर कॉरिडोर का इस्तेमाल कर सकता है। भारत को कम से कम 10 दिन पहले श्रद्धालुओं की एक सूची पाकिस्तान को सौंपनी होगी और इस पर वह 4 दिन में जवाब देगा। करतारपुर साहिब जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को जीरो प्वाइंट पर परिवहन की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आठ नवंबर को इस कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। यह कॉरिडोर पंजाब के गुरदासपुर स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा को पाकिस्तान स्थित दरबार साहिब गुरुद्वारा को जोडे़गा।