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महिला को निर्वस्त्र घुमाने का मामला: BJP महिला मोर्चा का प्रदर्शन, पुलिस ने कई को हिरासत में लिया
Sat, 16 Dec 2023 06:19 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: श्वेता महतो
Updated Sat, 16 Dec 2023 06:19 PM IST
सार
बेलगावी में आदिवासी महिला को निर्वस्त्र घुमाने के मामले की जांच के लिए पांच नेत्रियां अपराजिता सरांगी, सुनीता दुग्गल, लॉकेट चटर्जी, रंजीता कोली और डॉ. आशा लकरा आज बेलगावी एयरपोर्ट पहुंची।
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भाजपा महिला सांसद
- फोटो : ANI
विस्तार
कर्नाटक के बेलगावी में एक आदिवासी महिला को निर्वस्त्र घुमाने के मामले की जांच के लिए पांच नेत्रियों की समिति बनाई गई है। इस समिति में श्रीमती अपराजिता सरांगी, श्रीमती सुनीता दुग्गल, श्रीमती लॉकेट चटर्जी, श्रीमती रंजीता कोली और डॉ. श्रीमती आशा लकरा को शामिल किया गया है। ये सभी नेत्रियां आज बेलगावी एयरपोर्ट पहुंच चुकी है। इस मामले में लापरवाही दिखाने के लिए काकती पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर विजयकुमार सिन्नुर को निलंबित किया गया है।
इस घटना पर भाजपा की महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। कर्नाटक के पूर्व सीएम डीवी सदानंद गौड़ा भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा, 'हम कर्नाटक में कानून-व्यवस्था की स्थिति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे (राज्य सरकार) पूरी तरह से विफल हुए हैं।'
भाजपा सांसद अपराजिता सरांगी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया
भाजपा सांसद अपराजिता सरांगी ने इस घटना पर मीडिया से बात की। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने हमें यहां आने के लिए नामित किया है। वे यहां कि स्थिति जानना चाहते हैं। हम यहां यह जानने आए हैं कि किन परिस्थितियों में यह घटना घटी।' उन्होंने आगे कहा, 'यह घटना सुबह के डेढ़ बजे घटी, लेकिन पुलिस दो से तीन घंटे बाद आई। कर्नाटक में यह कानून-व्यवस्था की विफलता है। यह कांग्रेस सरकार की मानसिकता को दर्शाती है।'
पीड़िता के परिवार से मुलाकात पर अपराजिता सरांगी ने कहा, 'हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यह एक आदिवासी समाज है इसलिए यहां सख्ती की जरूरत है। दो तरह की कार्रवाई होती है, पहला निवारक और दूसरा दंडात्मक। दंडात्मक कार्रवाई शुरू हो चुकी है। इस मामले में शामिल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और इंस्पेक्टर इन चार्ज को भी निलंबित कर दिया गया है। निवारक कहां है? कांग्रेस क्यों नहीं एक सकार्त्मक महौल बना रही जिससे कि कोई भी ऐसा अपराध करने से डरने लगे।'
उन्होंने घटना का जिक्र करते हुए कहा, '11 दिसंबर को यह जघन्य अपराध हुआ। 42 वर्षीय महिला को उसके घर से घसीटकर बाहर लाया गया। उसे निर्वस्त्र कर घुमाया गया। इसके बाद उसे खंभे से बांधकर पीटा गया। पड़ोसियों के सामने उसपर बेरहमी से हमला किया गया। 15 से अधिक लोग उसके घर में घुसे थे, जब वह सो रही थी। हम अस्पताल में उससे मिलने गए। हम गांव में जाकर अन्य लोगों से बीत करने की कोशिश की। हमने पीड़िता के पति से भी बात की, उस इंस्पेक्टर से भी बात कि, जिसे निलंबित किया गया है। हमने बहुत सारी जानकारी हासिल की है।'
महिला आयोग की सदस्य का बयान
राष्ट्रीय महिला आयोग सदस्य डेलिना खोंगडुप ने कहा, 'यह दोबारा नहीं होना चाहिए, इसलिए मैं सभी भारतीय नागरिकों को बताना चाहती हूं कि हमें अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए और देश के किसी भी हिस्से में ऐसी घटना को दोबारा नहीं होने देना है। अबतक सब ठीक (पुलिस कार्रवाई) है। हमारा पहला और महत्वपूर्ण काम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना है और हम इस तरह के अपराधों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।'
फैक्ट फाइंडिंग टीम की सदस्य भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने कहा, 'कोई भी यहां बयान देने के लिए तैयार नहीं है। सभी डर रहे हैं। इसका मतलब यह है कि कांग्रेस की सरकार में यहां सभी महिलाएं डर में है। हम चाहते हैं कि मुख्यमंत्री यहां आए और इस स्थिति पर अपना बयान दे। हम चाहते हैं कि कांग्रेस सरकार महिलाओं को थोड़ी इज्जत दें। उन्होंने महिलाओं के दम पर यहां सरकार बनाया है, इसलिए उन्हें महिलाओं को थोड़ी इज्जत देनी चाहिए।'
क्या था मामला
कर्नाटक के बेलगावी जिले में एक आदिवासी महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी। दरअसल महिला का बेटा एक लड़की के साथ घर छोड़कर भाग गया था, जिसकी सगाई किसी और से होने वाली थी। इस कृत्य के बारे में पता चलने पर लड़की के परिवार के सदस्यों ने न्यू वंतामुरी गांव में उसके घर पर हमला किया, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद वे उसकी मां को घसीटकर ले गए। उसे निर्वस्त्र घुमाया और बिजली के खंभे से बांधकर उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। घटना के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया था।
भाजपा अध्यक्ष ने की कड़ी निंदा
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कांग्रेस के गैरजिम्मेदाराना व्यवहार को दर्शाता है। जब से कांग्रेस कर्नाटक की सत्ता में आई है, तब से महिलाओं के साथ होने वाले जघन्य अपराधों में बढ़ोतरी हुई है।
सीएम सिद्धारमैया ने नड्डा की आलोचना की
वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बेलगावी घटना का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा की आलोचना की। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक में भाजपा के शासनकाल में महिलाओं के खिलाफ हिंसा की कई घटनाएं देखी गईं, लेकिन नड्डा उन सबको भूल गए। वे इसका राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं।
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इस घटना पर भाजपा की महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। कर्नाटक के पूर्व सीएम डीवी सदानंद गौड़ा भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा, 'हम कर्नाटक में कानून-व्यवस्था की स्थिति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे (राज्य सरकार) पूरी तरह से विफल हुए हैं।'
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#WATCH | Karnataka police detained BJP Mahila Morcha workers and party leaders protesting against the state government over the Belagavi incident, in Bengaluru
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A woman was allegedly assaulted, paraded naked, and tied to an electric pole in Vantamuri village of Belagavi district… pic.twitter.com/tnxCMLy5vL — ANI (@ANI) December 16, 2023
भाजपा सांसद अपराजिता सरांगी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया
भाजपा सांसद अपराजिता सरांगी ने इस घटना पर मीडिया से बात की। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने हमें यहां आने के लिए नामित किया है। वे यहां कि स्थिति जानना चाहते हैं। हम यहां यह जानने आए हैं कि किन परिस्थितियों में यह घटना घटी।' उन्होंने आगे कहा, 'यह घटना सुबह के डेढ़ बजे घटी, लेकिन पुलिस दो से तीन घंटे बाद आई। कर्नाटक में यह कानून-व्यवस्था की विफलता है। यह कांग्रेस सरकार की मानसिकता को दर्शाती है।'
पीड़िता के परिवार से मुलाकात पर अपराजिता सरांगी ने कहा, 'हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यह एक आदिवासी समाज है इसलिए यहां सख्ती की जरूरत है। दो तरह की कार्रवाई होती है, पहला निवारक और दूसरा दंडात्मक। दंडात्मक कार्रवाई शुरू हो चुकी है। इस मामले में शामिल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और इंस्पेक्टर इन चार्ज को भी निलंबित कर दिया गया है। निवारक कहां है? कांग्रेस क्यों नहीं एक सकार्त्मक महौल बना रही जिससे कि कोई भी ऐसा अपराध करने से डरने लगे।'
उन्होंने घटना का जिक्र करते हुए कहा, '11 दिसंबर को यह जघन्य अपराध हुआ। 42 वर्षीय महिला को उसके घर से घसीटकर बाहर लाया गया। उसे निर्वस्त्र कर घुमाया गया। इसके बाद उसे खंभे से बांधकर पीटा गया। पड़ोसियों के सामने उसपर बेरहमी से हमला किया गया। 15 से अधिक लोग उसके घर में घुसे थे, जब वह सो रही थी। हम अस्पताल में उससे मिलने गए। हम गांव में जाकर अन्य लोगों से बीत करने की कोशिश की। हमने पीड़िता के पति से भी बात की, उस इंस्पेक्टर से भी बात कि, जिसे निलंबित किया गया है। हमने बहुत सारी जानकारी हासिल की है।'
महिला आयोग की सदस्य का बयान
राष्ट्रीय महिला आयोग सदस्य डेलिना खोंगडुप ने कहा, 'यह दोबारा नहीं होना चाहिए, इसलिए मैं सभी भारतीय नागरिकों को बताना चाहती हूं कि हमें अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए और देश के किसी भी हिस्से में ऐसी घटना को दोबारा नहीं होने देना है। अबतक सब ठीक (पुलिस कार्रवाई) है। हमारा पहला और महत्वपूर्ण काम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना है और हम इस तरह के अपराधों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।'
फैक्ट फाइंडिंग टीम की सदस्य भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने कहा, 'कोई भी यहां बयान देने के लिए तैयार नहीं है। सभी डर रहे हैं। इसका मतलब यह है कि कांग्रेस की सरकार में यहां सभी महिलाएं डर में है। हम चाहते हैं कि मुख्यमंत्री यहां आए और इस स्थिति पर अपना बयान दे। हम चाहते हैं कि कांग्रेस सरकार महिलाओं को थोड़ी इज्जत दें। उन्होंने महिलाओं के दम पर यहां सरकार बनाया है, इसलिए उन्हें महिलाओं को थोड़ी इज्जत देनी चाहिए।'
क्या था मामला
कर्नाटक के बेलगावी जिले में एक आदिवासी महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी। दरअसल महिला का बेटा एक लड़की के साथ घर छोड़कर भाग गया था, जिसकी सगाई किसी और से होने वाली थी। इस कृत्य के बारे में पता चलने पर लड़की के परिवार के सदस्यों ने न्यू वंतामुरी गांव में उसके घर पर हमला किया, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद वे उसकी मां को घसीटकर ले गए। उसे निर्वस्त्र घुमाया और बिजली के खंभे से बांधकर उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। घटना के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया था।
भाजपा अध्यक्ष ने की कड़ी निंदा
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कांग्रेस के गैरजिम्मेदाराना व्यवहार को दर्शाता है। जब से कांग्रेस कर्नाटक की सत्ता में आई है, तब से महिलाओं के साथ होने वाले जघन्य अपराधों में बढ़ोतरी हुई है।
सीएम सिद्धारमैया ने नड्डा की आलोचना की
वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बेलगावी घटना का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा की आलोचना की। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक में भाजपा के शासनकाल में महिलाओं के खिलाफ हिंसा की कई घटनाएं देखी गईं, लेकिन नड्डा उन सबको भूल गए। वे इसका राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं।