फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Karnataka HC issues notice to banks on Vijay Mallya's plea seeking loan recovery details

Karnataka: विजय माल्या की याचिका पर कर्नाटक HC ने बैंकों को जारी किया नोटिस; लोन वसूली से जुड़ी जानकारी मांगी

Wed, 05 Feb 2025 05:40 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: पवन पांडेय Updated Wed, 05 Feb 2025 05:40 PM IST
विज्ञापन
Karnataka HC issues notice to banks on Vijay Mallya's plea seeking loan recovery details
कर्नाटक उच्च न्यायालय - फोटो : एएनआई (फाइल)
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को कई बैंकों को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या की याचिका पर दिया गया है, जिसमें उन्होंने लोन वसूली से जुड़ी जानकारी मांगी है। विजय माल्या की याचिका में उन रकमों का ब्योरा मांगा गया है, जो उनसे, उनकी कंपनी यूनाइटेड ब्रेवरीज होल्डिंग्स लिमिटेड (यूबीएचएल) और अन्य कर्जदारों से वसूली गई हैं।  
विज्ञापन


क्या है मामला?
विजय माल्या की ओर से वरिष्ठ वकील साजन पूवैया ने दलील दी कि किंगफिशर एयरलाइंस और उसकी होल्डिंग कंपनी यूबीएचएल के खिलाफ लिक्विडेशन (कंपनी बंद करने) का आदेश सुप्रीम कोर्ट समेत सभी अदालतों में बरकरार रखा गया है। उनका तर्क है कि कर्ज की रकम पहले ही वसूल ली गई है, इसके बावजूद बैंकों की तरफ से वसूली की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि ऋण वसूली ट्रिब्यूनल (डीआरटी) ने 6,200 करोड़ रुपये की वसूली का आदेश दिया था। लेकिन 2017 से अब तक 10,200 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं, और वित्त मंत्री तक ने संसद में कहा कि बैंकों को 14,000 करोड़ रुपये मिल चुके हैं।
विज्ञापन


याचिका में क्या मांग की गई है?
  • बैंकों से पूरा हिसाब मांगा गया है कि उन्होंने अब तक कितना पैसा वसूला है और किन संपत्तियों से यह वसूली की गई है।
  • यह स्पष्ट करने की मांग की गई है कि जब पूरा कर्ज चुकता हो चुका है, तो गारंटर कंपनी यूबीएचएल को फिर से शुरू करने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही।
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • बैंकों से उन संपत्तियों की जानकारी मांगी गई है, जो अभी भी उनके पास हैं लेकिन अब तक वसूली के लिए इस्तेमाल नहीं की गई हैं।
  • अस्थायी राहत के रूप में बैंकों की तरफ से आगे की संपत्ति बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई है, जब तक कि यह स्पष्ट नहीं हो जाता कि कर्ज की पूरी भरपाई हो चुकी है।
'13 फरवरी तक अपनी स्थिति स्पष्ट करें बैंक'
वहीं इस मामले की सुनवाई करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आर. देवदास ने इस पर बैंकों से जवाब मांगा है और उन्हें 13 फरवरी तक अपनी स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। बता दें कि, याचिका में बैंकों से अनुरोध किया गया है कि वे 10 अप्रैल, 2017 को डीआरटी की तरफ से जारी संशोधित वसूली प्रमाणपत्र के बाद, उनके पक्ष में वसूली गई राशि का विवरण देने के साथ-साथ इन वसूली को करने के लिए उपयोग की गई संपत्तियों के मूल मालिकों के बारे में जानकारी प्रदान करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed