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कर्नाटकः राज्यपाल ने भाजपा विधायक केजी बोपैया को बनाया प्रोटेम स्पीकर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Updated Fri, 18 May 2018 04:31 PM IST
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केजी बोपैया
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कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने भारतीय जनता पार्टी के विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाया है। हालांकि इससे पहले चर्चा थी की सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य होने की वजह से कांग्रेस के विधायक रघुनाथ विश्वनाथ देशपांडे को प्रोटेम स्पीकर बनाया जाएगा। विधानसभा सचिवालय की तरफ से देशपांडे का नाम राज्यपाल के पास विचार के लिए भी भेजा गया था।
बता दें कि नियम के अनुसार सदन के सबसे वरिष्ठ नेता को प्रोटेम स्पीकर के तौर पर चुना जाता है। उनका मुख्य कार्य नव निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलवाना होता है। किसी शख्स का नाम सिफारिश के लिए भेजते समय यह जरूर देखना होता है कि वह उस समय स्पीकर या मंत्रीपद का उम्मीदवार ना हो। प्रोटेम स्पीकर को यह फैसला लेना होता है कि सदन में बहुमत ध्वनि के जरिए या बैलेट के जरिए करवाना है।
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71 साल की उम्र में आठ बार विधायक रहे देशपांडे सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं। इस वजह से माना जा रहा था कि उन्हें प्रोटेम स्पीकर बनाया जा सकता है। हालांकि उन्हें नहीं बनाया गया है। राज्यपाल ने भाजपा विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाया है।
इस समय सदन की वर्तमान सदस्य संख्या 222 है और किसी भी पार्टी को जादुई आंकड़े को हासिल करने के लिए 112 सदस्यों का समर्थन चाहिए। कांग्रेस और जेडीएस के गठबंधन का दावा है कि उनके पास 116 विधायकों का समर्थन है वहीं भाजपा के पास 104 विधायक है और वह राज्य की सबसे बड़ी पार्टी है लेकिन उसके पास 8 विधायकों की कमी है।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बीएल शंकर ने कहा कि प्रोटेम स्पीकर तब तक स्पीकर की भूमिका निभाता है जबतक दूसरा नहीं आ जाता। बीराजपेट से विधायक केजी बोपैया भाजपा सरकार में 2008 में भी प्रोटेम स्पीकर रह चुके हैं।
गौरतलब है कि कांग्रेस और जेडीएस की संयुक्त याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को निर्देश दिए हैं कि वह शनिवार श्ााम 4 बजे तक सदन में बहुमत साबित करें।
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Karnataka Governor appoints BJP MLA KG Bopaiah as pro-tem speaker ahead of floor test tomorrow. #KarnatakaElectionResults2018 pic.twitter.com/k13EFLKGmy
— ANI (@ANI) May 18, 2018विज्ञापन
बता दें कि नियम के अनुसार सदन के सबसे वरिष्ठ नेता को प्रोटेम स्पीकर के तौर पर चुना जाता है। उनका मुख्य कार्य नव निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलवाना होता है। किसी शख्स का नाम सिफारिश के लिए भेजते समय यह जरूर देखना होता है कि वह उस समय स्पीकर या मंत्रीपद का उम्मीदवार ना हो। प्रोटेम स्पीकर को यह फैसला लेना होता है कि सदन में बहुमत ध्वनि के जरिए या बैलेट के जरिए करवाना है।
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71 साल की उम्र में आठ बार विधायक रहे देशपांडे सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं। इस वजह से माना जा रहा था कि उन्हें प्रोटेम स्पीकर बनाया जा सकता है। हालांकि उन्हें नहीं बनाया गया है। राज्यपाल ने भाजपा विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाया है।
इस समय सदन की वर्तमान सदस्य संख्या 222 है और किसी भी पार्टी को जादुई आंकड़े को हासिल करने के लिए 112 सदस्यों का समर्थन चाहिए। कांग्रेस और जेडीएस के गठबंधन का दावा है कि उनके पास 116 विधायकों का समर्थन है वहीं भाजपा के पास 104 विधायक है और वह राज्य की सबसे बड़ी पार्टी है लेकिन उसके पास 8 विधायकों की कमी है।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बीएल शंकर ने कहा कि प्रोटेम स्पीकर तब तक स्पीकर की भूमिका निभाता है जबतक दूसरा नहीं आ जाता। बीराजपेट से विधायक केजी बोपैया भाजपा सरकार में 2008 में भी प्रोटेम स्पीकर रह चुके हैं।
गौरतलब है कि कांग्रेस और जेडीएस की संयुक्त याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को निर्देश दिए हैं कि वह शनिवार श्ााम 4 बजे तक सदन में बहुमत साबित करें।