Karnataka: कर्नाटक की 69 फीसदी आरक्षित सीटों पर कांग्रेस का कब्जा, BJP 22 से 12 पर आई; JDS को भी नुकसान
Karnataka Vidhan Sabha Chunav 2023 Results: कर्नाटक में 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 10 मई को चुनाव हुए थे। इस दौरान रिकॉर्ड 73.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। इसके नतीजे आज यानी शनिवार को सामने आए। आइए पढ़ते हैं इस पर हमारी खास रिपोर्ट…
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कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के नतीजों का एलान हो गया। कांग्रेस 135 सीटों के साथ पहले नंबर पर रही। यानी कांग्रेस भारी बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। भाजपा को भारी नुकसान हुआ और वह सिर्फ 66 सीटें ही जीत पाई। 19 सीटों के साथ जेडीएस तीसरे स्थान पर रही और अन्य के खाते में चार सीटें आईं। राज्य में चुनाव प्रचार के दौरान मंच से जाति-धर्म के मुद्दों पर सभी दलों ने खुलकर अपनी बात रखी थी। जनता के सामने राजनीतिक दलों ने खुद को उनका हितैषी और दूसरों को विरोधी बताया था। अब जब नतीजे सभी के सामने आ रहे हैं तो यह भी पता चल रहा है कि किसने किस पर भरोसा जताया और किसने किसे नकार दिया। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं राज्य में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC-ST) को आरक्षित सीटों पर आए नतीजों के बारे में...
पहले जानते हैं कि राज्य में SC-ST के लिए कितनी सीटें?
224 विधानसभा सीटों में से 51 सीटें एससी-एसटी के लिए आरक्षित हैं। इनमें भी 36 सीटें अनुसूचित जाति (SC) और 15 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं।
इन सीटों की अहमियत क्यों?
राज्य में सत्ता पर काबिज होने के लिए एसटी-एसटी का समर्थन काफी अहम रहता है। 2013 में यहां लोगों ने कांग्रेस पर भरोसा जताया था तो राज्य में कांग्रेस सत्ता में आई थी। इसके बाद 2018 के चुनाव में जब भाजपा सिद्धारमैया के नेतृत्व में चुनावी मैदान में उतरी तो बाजी पलट गई और भाजपा ने कांग्रेस से ज्यादा सीटें अपने नाम की। यह बड़ी वजह थी कि भाजपा कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
इस बार कैसा है हाल?
10 मई को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ था। इस बार कर्नाटक 51 आरक्षित सीटों में से 12 भाजपा, 35 कांग्रेस, 4 जेडीएस ने जीतीं। एससी के आरक्षित सीटों में कांग्रेस ने 21, भाजपा ने 12 और जेडीएस ने तीन सीटें जीतीं। इसके एसटी सीटों पर कांग्रेस ने 14 और जेडीएस ने एक पर कब्जा जमाया। भाजपा यहां खाता भी नहीं खोल पाई।
इन मुद्दों पर लड़ा गया चुनाव
करीब महीने भर चले चुनाव प्रचार के शुरुआती दिनों में भाजपा-कांग्रेस और जेडीएस के बीच विचारधारा पर वार-पलटवार हुआ। देखते ही देखते चुनाव में शासन और सरकार से जुड़े मुद्दे हावी होने लगे। इसके बाद एंट्री हुई भगवान हनुमान के मुद्दे की। फिर तो मुकाबले को रोचक होता चला गया।
इन सीटों पर पिछली बार के परिणाम के बारे में भी जानिए...
पिछले विधानसभा चुनाव में 51 में से 22 पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जीत दर्ज की थी। वहीं, कांग्रेस ने 20 और जनता दल (सेक्यूलर) ने सात सीटों पर कब्जा जमाया था। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और निदर्लीय के खाते में एक-एक सीट गई थी।