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कर्नाटक चुनाव में पिंक बूथ से तीसरी पीढ़ी की ईवीएम का हुआ इस्तेमाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Updated Sun, 13 May 2018 01:09 PM IST
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Karnataka Election 2018
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कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार 12 मई को वोट डाले गए। इस चुनाव में चुनाव आयोग ने सिर्फ महिला मतदान कर्मियों की तैनाती वाले पिंक बूथ से लेकर तीसरी पीढ़ी की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) का इस्तेमाल किया गया।
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महिलाओं को बड़ी संख्या में मतदान के लिए प्रेरित करने को 450 पिंक बूथ की स्थापना की गई। इन मतदान केंद्रों पर मतदान की पूरी जिम्मेदारी पूरी तरह से महिलाओं के जिम्मे ही थी। बूथों के रंग के साथ ही कपड़ा, मेज कपड़ों, गुब्बारों से लेकर बस कुछ गुलाबी रंग का था। यहां बच्चों के खेलने के लिए बनाई जगह भी गुलाबी रंग की थी। साथ ही दृष्टि बाधित मतदाताओं के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई थी। मतदान केंद्रों पर दिव्यांगों और दृष्टि बाधित लोगों के लिए रैंप और ब्रेल लिपि की व्यवस्था की गई।
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पारंपरिक ढंग से बूथ भी बनाए
चुनाव आयोग ने कर्नाटक के मैसूर, चामराजनगर और उत्तर कन्नड़ जिलों में आदिवासियों की जीवनशैली से मेल खाते पोलिंग केंद्रों को तैयार किया था।
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नई तकनीकी की ईवीएम का प्रयोग
ईवीएम से छेड़छाड़ के कथित आरोपों को देखते हुए चुनाव आयोग ने कुछ जगहों पर एम3 ईवीएम का इस्तेमाल किया जोकि टैंपर प्रूफ और इसके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ की कोशिश पर अपने आप बंद हो जाती है। पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर इनका इस्तेमाल शिवाजीनगर, शांतिनगर, गांधी नगर और राजाजी नगर विधानसभा क्षेत्रों में किया गया। सूत्रों का कहना है कि मशीन में बैटरी स्टेट्स और डिजिटल सर्टिफिकेशन जैसे फीचर भी हैं। मशीन किसी तरह की गड़बड़ी पर खुद रिपोर्ट कर सकती है।