कर्नाटक चुनाव : ईवीएम में कैद हुई 2600 प्रत्याशियों की किस्मत, 72.13 फीसदी हुआ मतदान
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कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। 224 सदस्यीय विधानसभा की 222 सीटों के लिए वोट डाले गए। चुनाव आयोग के मुताबिक, राज्य में इस बार 72.13 फीसदी वोट पड़े। वर्ष 2013 में 71.4 फीसदी मतदान हुआ था। चुनाव नतीजे 15 मई को आएंगे।
राज्य में कांग्रेस, भाजपा और जद-एस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। हालांकि मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही माना जा रहा है। चुनाव में 2600 से अधिक उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। राज्य निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, सुबह सात बजे से शुरू हुआ मतदान शाम छह बजे खत्म हुआ। मतदान को लेकर लोगों का खासा उत्साह देखा गया। कई मतदान केंद्रों पर शाम छह बजे के बाद भी लोगों की लंबी लाइन देखी गई।
चिककाबल्लापुरा और रामानगर में सबसे अधिक 76 फीसदी और शहरी बंगलूरू में 48 फीसदी मतदान हुआ। हालांकि कलबुर्गी के अंतर्गत 3500 स्थानीय निवासियों वाले चित्तापुर तालुक में ज्यादातर लोगों ने ग्राम पंचायत मुख्यालय की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया। इसके अलावा कुछ मतदान केंद्रों पर भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के आपस में भिड़ने की खबर है।
विधानसभा सीटें जिन पर सबकी नजर
1-शिकारीपुरा: मध्य कर्नाटक की इस सीट पर भाजपा के बीएस येदियुरप्पा उम्मीदवार हैं।
2-वरुणा: मैसूर जिले की इस सीट से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे उम्मीदवार हैं।
3-चामुंडेश्वरी: मैसूर जिले की इस सीट से सीएम खुद मैदान में हैं।
4-बादामी: अपनी प्राचीन गुफाओं के लिए मशहूर उत्तर कर्नाटक की इस सीट से मुख्यमंत्री चुनाव लड़ रहे हैं। सीएम की कुरुबा जाति का यहां दबदबा है।
5-हुबली: धारवाड़ जिले की इस सीट से नेता विपक्ष एवं पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार उम्मीदवार हैं।
6-चित्तपुर: कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक यहां से उम्मीदवार हैं।
7-मांड्या: कावेरी जल बंटवारे को लेकर विरोध प्रदर्शनों का गढ़ रही इस सीट पर भी राजनीतिक पंडितों की नजर है।
8-रामनगरम और चन्नपटना: पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के बेटे एचडी कुमारस्वामी इन दो सीटों से लड़ रहे हैं।
9-बेल्लारी: खनन घोटाले में फंसे रेड्डी बंधुओं के एक भाई जी सोमशेखररेड्डी यहां से मैदान में हैं।
10- भटकल: आतंकी भाइयों यासीन और रियाज भटकल के कारण मशहूर इस सीट पर भी सबकी नजरें हैं।
असली मुद्दे गायब ः
चुनाव प्रचार के दौरान राज्य के सामने खड़े असली मुद्दे पर्दे के पीछे चले गए। इस दौरान महादयी और कावेरी नदियों के जल के बंटवारे का मामला, रोजगार, सड़क, पेयजल एवं बिजली से जुड़े स्थानीय मुद्दों को कोई तरजीह ही नहीं दी गई। इसके बजाय भावनात्मक मुद्दों को उछालने की कोशिश की गई।
- कांग्रेस ने केंद्र पर उत्तरी राज्यों को तरजीह देने और दक्षिण के राज्यों से भेदभाव का आरोप लगाया।
- कांग्रेस ने भाषा, संस्कृति, विचारधारा के आधार पर राज्य को कम आर्थिक मदद का आरोप लगाया।
- लिंगायत को धार्मिक आरक्षण का प्रस्ताव रख भाजपा के परंपरागत वोटबैंक में सेंधमारी की कोशिश की।
- महिला सुरक्षा, दलित उत्पीड़न, रोजगार, किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस ने भाजपा की केंद्र सरकार को घेर्रा।
- राफेल, नीरव मोदी, विजय माल्या के बहाने केंद्र की मोदी सरकार पर राहुल गांधी ने खूब किए हमले।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2013
विधानसभा सीट - 224
सामान्य - 173
एससी - 36
एसटी - 15
वर्ष मतदान (प्रतिशत में)
2013 - 71.45
चुनाव परिणाम (2013 में)
कांग्रेस - 122
भाजपा - 40
जनता दल (सेक्यूलर) - 40
केजेपी - 6
निर्दलीय - 9
अन्य - 8
कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2008
कुल सीट - 224
सामान्य सीट - 173
एससी - 36
एसटी - 15
वर्ष - मतदान (प्रतिशत में)
2008 - 64.68
चुनाव परिणाम
भाजपा - 110
कांग्रेस - 80
जद यू (सेक्यूलर) - 28
निर्दलीय - 6
इतिहास खिलाफ, लेकिन रचेंगे इतिहास
भाजपा ने इतिहास को दोहराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। पार्टी ने अपना प्रचार अभियान 150 सीटों के लक्ष्य के साथ शुरू किया। हालांकि, ये दीगर बात है कि बृहस्पतिवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 130 सीटों पर जीत का दावा किया। 2013 के उलट केजेपी बनाने वाले येदियुरप्पा और बीएसआर कांग्रेस का गठन करने वाले बी. श्रीरामुलु इस बार भाजपा के साथ हैं। भाजपा के लिए पीएम ने खुद अभियान की कमान संभाली तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी आक्रामक नजर आए।
अस्तित्व बचाए रखने को लड़ रहा है जद (एस)
ज्यादातर सर्वेक्षणों के मुताबिक, इस बार राज्य में कांग्रेस और भाजपा मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं, जबकि जद (एस) किंगमेकर की भूमिका में नजर आ रहा है। कांग्रेस पंजाब के बाद दूसरे बड़े राज्य में अपनी सरकार बचाने का संघर्ष कर रही है, तो भाजपा एक और राज्य की सत्ता पर काबिज होने की जद्दोजहद में है। एक दशक से राज्य की सत्ता से बाहर जद (एस) अस्तित्व को बचाए रखने की कोशिश कर रहा है।