Karnataka: 187 करोड़ के अवैध पैसे ट्रांसफर केस में ED की छापे, पूर्व मंत्री-कांग्रेस विधायक के ठिकानों पर छापे
कर्नाटक के पूर्व मंत्री बी नागेंद्र और कांग्रेस विधायक बसनगौड़ा दद्दाल जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने सरकारी निगम से जुड़े अवैध धन हस्तांतरण मामले में छापेमारी की।
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प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने कथित वाल्मीकि निगम घोटाले में पूर्व मंत्री बी नागेंद्र से जुड़े आवासीय और आधिकारिक परिसरों पर छापेमारी की।
#WATCH | Bengaluru | Enforcement Directorate officials raid residential and official premises connected to former minister B Nagendra in alleged Valmiki corporation scam
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(Visuals from Ramkya Utsav residential premises of B Nagendra in Sanajaynagar, Bengaluru) pic.twitter.com/hxsjoUSMMJ— ANI (@ANI) July 10, 2024
कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास बोर्ड के अध्यक्ष बसनगौड़ा दद्दाल के रायचूर आवास पर भी बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय ने छापा मारा।
#WATCH | Karnataka | Raichur residence of Basanagouda Daddal, Chairman of Karnataka Maharshi Valmiki Scheduled Tribes Development Board also raided by Enforcement Directorate today pic.twitter.com/AVRXcikTsb
— ANI (@ANI) July 10, 2024
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा धन के अवैध हस्तांतरण के संबंध में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद सीबीआई भी मामले की जांच कर रही है। बेंगलुरू में ईडी के अधिकारियों ने तीन स्थानों पर छापेमारी की। ईडी ने हैदराबाद में बुधवार को कर्नाटक के पूर्व मंत्री बी नागेंद्र और कांग्रेस विधायक बसनगौड़ा दद्दाल से कथित तौर पर जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी एक सरकारी निगम से जुड़े अवैध धन हस्तांतरण मामले के तहत की गई। सूत्रों के अनुसार कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम के बैंक खातों से 187 करोड़ रुपये के कथित अनाधिकृत हस्तांतरण की जांच चल रही है। इसके तहत बंगलूरू, रायचूर और बेल्लारी में छापेमारी की गई।
वहीं कुछ आईटी कंपनियों और हैदराबाद स्थित एक सहकारी बैंक के विभिन्न खातों में अवैध रूप से जमा 88.62 करोड़ रुपये शामिल हैं। कांग्रेस विधायक निगम के अध्यक्ष हैं। नागेंद्र ने 6 जून को अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने यह इस्तीफा आरोपों के लगने के बाद दिया। दरअसल यह घोटाला तब प्रकाश में आया जब 26 मई को निगम के लेखा अधीक्षक चंद्रशेखरन पी ने आत्महत्या की। सुसाइड नोट में चंद्रशेखरन ने आरोप लगाया कि निगम से संबंधित 187 करोड़ रुपये का अवैध हस्तांतरण हुआ है। इस आरोप के बाद कांग्रेस सरकार ने एक विशेष जांच दल का गठन किया। एसआईटी ने अब तक इस मामले के संबंध में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं एसआईटी ने मंगलवार को नागेंद्र और ददल से पूछताछ की।