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Karnataka: 'EC का जवाब टालमटोल भरा और भ्रामक', मतदाता सूची पर कांग्रेस MLA बोले- SIT को सही जानकारी देनी चाहिए

Fri, 03 Oct 2025 06:04 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: हिमांशु चंदेल Updated Fri, 03 Oct 2025 06:04 PM IST
सार

कर्नाटक के आलंद क्षेत्र में मतदाता सूची से 6,018 नाम हटाने की कथित साजिश को लेकर कांग्रेस विधायक बी.आर. पाटिल ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आयोग का जवाब टालमटोल वाला है और एसआईटी को जरूरी जानकारी नहीं दी जा रही।

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Karnataka EC response evasive misleading Congress MLA Patil says on voter list SIT provide correct information
चुनाव आयोग (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से नामों की कथित हेरफेर का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। कांग्रेस विधायक बी.आर. पाटिल ने चुनाव आयोग (ईसी) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग का जवाब टालमटोल भरा और भ्रामक है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच कर रही एसआईटी को सभी जरूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध कराई जाए।
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पाटिल ने आरोप लगाया कि 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हराने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची गई। उनके मुताबिक करीब 6,018 मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की कोशिश हुई और इसके लिए ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर फर्जी आवेदन डाले गए। उन्होंने कहा कि इस मामले में चुनाव आयोग का जवाब न तो पर्याप्त है और न ही जांच में मददगार।
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चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल
कांग्रेस विधायक ने कहा कि ईसी यह दावा कर रहा है कि कोई भी आम नागरिक ऑनलाइन मतदाता विलोपन नहीं कर सकता। लेकिन दर्ज एफआईआर से साफ है कि बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने की कोशिश हुई। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक ही मतदाता पहचान पत्र नंबर से 12-12 लोगों को हटाने का प्रयास किया गया। सवाल यह है कि इतनी बड़ी तकनीकी गड़बड़ी सुरक्षा प्रणाली को पार कैसे कर गई।
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तकनीकी धांधली और बैकएंड सिस्टम का दुरुपयोग
पाटिल ने आरोप लगाया कि इस पूरे खेल में एक बेहद परिष्कृत बैकएंड सिस्टम का इस्तेमाल हुआ। उनका दावा है कि इसे सिर्फ मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की धोखाधड़ी के लिए ही बनाया गया था। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग पहले से ही डेटा साझा कर चुका है, तो फिर कर्नाटक सीईओ और सीआईडी बार-बार जानकारी क्यों मांग रहे हैं।

एसआईटी जांच और कांग्रेस का रुख
कर्नाटक सरकार ने पिछले महीने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। यह टीम चुनाव आयोग से जरूरी तकनीकी और प्रशासनिक जानकारी मांग रही है। लेकिन अब तक आयोग की ओर से ठोस सहयोग नहीं मिल पाया है। पाटिल ने कहा कि अगर चुनाव आयोग सहयोग नहीं करता तो कांग्रेस आंदोलन करने या फिर अदालत का दरवाजा खटखटाने पर विचार करेगी।

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