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कर्नाटक: अयोग्य विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट से उपचुनाव टालने की मांग की, अदालत ने कहा- अर्जी दीजिए
Fri, 08 Nov 2019 02:06 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Fri, 08 Nov 2019 02:06 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
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कर्नाटक में अयोग्य घोषित किए गए बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट से उपचुनाव टालने की मांग की है। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अर्जी दीजिए, तब इस पर विचार किया जाएगा। राज्य में शनिवार से आचार संहिता लागू हो रहा है, क्योंकि यहां पांच दिसंबर को 15 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है।
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Supreme Court says, it will consider and see as to when it can hear the matter pertaining to Karnataka disqualified MLAs seeking further deferment of state by-polls on 15 assembly seats. pic.twitter.com/JnBRyPHZpQ
— ANI (@ANI) November 8, 2019विज्ञापन
अयोग्य विधायकों की ओर से कहा गया कि उनकी अयोग्यता पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला अभी नहीं आया है, जबकि सोमवार से उपचुनाव के लिए नामांकन भरने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, इसलिए उपचुनाव को फिलहाल टाल दिया जाना चाहिए।
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न्यायमूर्ति एन वी रमण की अगुवाई वाली एक पीठ ने 17 विधायकों की ओर से दायर विभिन्न याचिकाओं पर 25 अक्तूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इन याचिकाओं में विधायकों ने तत्कालीन एच डी कुमारस्वामी सरकार द्वारा विश्वास मत कराए जाने से पहले उन्हें अयोग्य घोषित किए जाने को चुनौती दी है।
अयोग्य घोषित विधायकों की ओर से पेश हो रहे वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने इस मामले का उल्लेख किया और कहा कि विधानसभा सीटों पर उपचुनाव पांच दिसंबर को तय हुआ है तथा उम्मीदवारों को 11 से 18 नवंबर के बीच नामांकन दाखिल करना होगा।
उन्होंने कहा कि अयोग्य ठहराए गए विधायक अपना नामांकन दायर नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा शीर्ष अदालत का फैसला भी इस विशेष मुद्दे पर अब तक आया नहीं है। रोहतगी ने विधायकों की याचिका पर शीर्ष अदालत का फैसला आने तक उपचुनाव टालने का अनुरोध किया।
शीर्ष अदालत ने अधिवक्ता से कहा कि वे विधायकों से इस संबंध में नया आवेदन दाखिल करने को कहें। इससे पहले चुनाव आयोग ने अयोग्य विधायकों की याचिका लंबित रहने के मद्देनजर 21 अक्टूबर को निर्धारित उपचुनावों को टाल कर नई तारीख पांच दिसंबर तय की थी।