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कर्नाटक में फिर बढ़ी सियासी हलचल, अयोग्य करार दिए गए तीन बागी विधायक

Thu, 25 Jul 2019 08:47 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Thu, 25 Jul 2019 08:47 PM IST
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Karnataka : Decision awaited on Resignations of rebel MLAs, Presidential Rule could be declared
कर्नाटक विधानसभा स्पीकर रमेश कुमार (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई

कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर रमेश कुमार ने अब तक इस्तीफा देने वाले तीन बागी विधायकों को अयोग्य करार दे दिया है। स्पीकर ने कांग्रेस के दो बागी विधायकों रमेश एल जरकीहोली और महेश कुमथल्ली के साथ एक निर्दलीय विधायक आर शंकर को अयोग्य करार दिया है। कर्नाटक में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बागी विधायकों के इस्तीफे पर फैसला देने तक राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है। माना जा रहा है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा अनिश्चितता के बीच भाजपा की सरकार बनाने के लिए दावा करने में जल्दबाजी नहीं करना चाहते हैं। 

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कर्नाटक भाजपा के प्रवक्ता जी मधुसूदन ने कहा कि अगर विधानसभा अध्यक्ष बागी विधायकों के इस्तीफों को स्वीकार करने में या खारिज करने में ज्यादा समय लेते हैं तो राज्यपाल वजुभाई वाला राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में हम सरकार बनाने का दावा नहीं करना चाहेंगे। 
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बता दें कि भाजपा विधानसभा अध्यक्ष के बागी विधायकों को अयोग्य करार देने के फैसले को लेकर संशय में है। कांग्रेस और जदएस (जनता दल सेक्युलर) ने व्हिप नजरअंदाज करने को लेकर बागी विधायकों को अयोग्य करार देने की अपील की है। 

फिर सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं बागी विधायक

संभावना यह भी जताई जा रही है कि अगर विधानसभा अध्यक्ष इस्तीफों पर फैसला लेने में ज्यादा समय लेते हैं तो बागी विधायक एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई एक याचिका में बागी विधायकों ने मांग की थी कि विधानसभा अध्यक्ष को निर्देशित किया जाए कि वह तत्काल इस्तीफा स्वीकार करें। 

इस वक्त कर्नाटक के नाटक का यह है पूरा खेल

मधुसूदन ने कहा कि इस्तीफे स्वीकार किए जाने तक विधानसभा में संख्याबल 225 बना रहेगा। इसमें एक नामित सदस्य भी शामिल है। बागी विधायक अभी भी सदस्य हैं, ऐसे में साधारण बहुमत के लिए 113 संख्या जरूरी है।' उन्होंने कहा कि दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ हमाली संख्या 107 है जो बहुमत से छह कम है। अगर विधानसभा अध्यक्ष इस्तीफे स्वीकार कर लेते हैं या सदस्यों को अयोग्य करार दे देते हैं तो विधानसभा का संख्या बल कम होकर 210 हो जाएगा और बहुमत के लिए जरूरी संख्या 106 हो जाएगी। ऐसे में भाजपा सरकार बनाने के लिए योग्य हो जाएगी। 

'इस्तीफे स्वीकार हुए तो छह महीने में होंगे चुनाव'

उन्होंने कहा कि यदि बागी विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाता है या उन्हें अयोग्य करार दे दिया जाता है को 15 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में अगले छह महीने के अंदर चुनाव कराए जाएंगे। मधुसूदन का कहना है कि अगर राष्ट्रपति शासन लगता है तो विधानसभा भी निलंबित रहेगी। ऐसे में हम दावा करने की स्थिति में आ सकते हैं और सरकार बना सकते हैं। 

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