{"_id":"648d5f40c29a5768fa0a5f97","slug":"karnataka-congress-government-withdrawing-anti-conversion-law-bjp-said-direct-action-needed-to-protect-society-2023-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnataka: धर्मांतरण विरोधी कानून वापस लेने पर भड़के भाजपा नेता, बोले- अब सीधे कार्रवाई की जरूरत","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Karnataka: धर्मांतरण विरोधी कानून वापस लेने पर भड़के भाजपा नेता, बोले- अब सीधे कार्रवाई की जरूरत
Sat, 17 Jun 2023 01:08 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 17 Jun 2023 01:08 PM IST
सार
सीटी रवि ने कहा कि 'जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए भाजपा सरकार में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया था। आज कांग्रेस की सरकार जबरन धर्मांतरण को बढ़ावा दे रही है।
विज्ञापन
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने भाजपा सरकार के समय लाए गए धर्मांतरण विरोधी कानून को वापस लेने की तैयारी शुरू कर दी है। बता दें कि कर्नाटक कैबिनेट ने धर्मांतरण विरोधी कानून को रद्द करने पर मुहर लगा दी है और जल्द ही इस प्रस्ताव को विधानसभा में लाकर पास कराया जाएगा। इस फैसले के बाद भाजपा, कांग्रेस पर हमलावर है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने कांग्रेस को घेरा है और कहा कि समाज की रक्षा के लिए सीधी कार्रवाई की जरूरत है।
क्या बोले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव
सीटी रवि ने कहा कि 'जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए भाजपा सरकार में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया था। आज कांग्रेस की सरकार जबरन धर्मांतरण को बढ़ावा दे रही है और एक तरह से उन लोगों को लाइसेंस दे रही है, जो लोगों को धर्मांतरण के लिए लुभाते हैं। इसे रोका जाना चाहिए। सीटी रवि ने कहा कि मैंने इस मुद्दे पर साधुओं से बात की है कि अब यह उनकी जिम्मेदारी है कि वह हिंदू समाज की रक्षा करें। मैंने अपील की है कि कांग्रेस सरकार के इस फैसले के खिलाफ महापंचायत बुलाई जाए। समाज की रक्षा के लिए सीधी कार्रवाई करने की जरूरत है।'
ये भी पढ़ें- Anti-Conversion Law: कर्नाटक में धर्मांतरण विरोधी कानून पर सियासी बवाल; कांग्रेस के फैसले से BJP क्यों नाराज?
विज्ञापन
क्या थे धर्मांतरण विरोधी कानून के प्रावधान
कर्नाटक के धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत गलत बयानी, बल, अनुचित प्रभाव और प्रलोभन या जबरन एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन कराना गैरकानूनी करार दे दिया गया था। इस कानून के तहत अपराध संज्ञेय और गैर जमानती थे, साथ ही इसमें सख्त सजा के भी प्रावधान थे। इस कानून में दोषी पाए गए व्यक्ति को 25 हजार रुपए के जुर्माने और तीन से पांच साल की कैद की सजा का प्रावधान था। साथ ही नाबालिग, महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों का जबरन या लालच से धर्म परिवर्तन कराने पर तीन से 10 साल की कैद और 50 हजार रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान था।
विज्ञापन
क्या बोले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव
सीटी रवि ने कहा कि 'जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए भाजपा सरकार में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया था। आज कांग्रेस की सरकार जबरन धर्मांतरण को बढ़ावा दे रही है और एक तरह से उन लोगों को लाइसेंस दे रही है, जो लोगों को धर्मांतरण के लिए लुभाते हैं। इसे रोका जाना चाहिए। सीटी रवि ने कहा कि मैंने इस मुद्दे पर साधुओं से बात की है कि अब यह उनकी जिम्मेदारी है कि वह हिंदू समाज की रक्षा करें। मैंने अपील की है कि कांग्रेस सरकार के इस फैसले के खिलाफ महापंचायत बुलाई जाए। समाज की रक्षा के लिए सीधी कार्रवाई करने की जरूरत है।'
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Anti-Conversion Law: कर्नाटक में धर्मांतरण विरोधी कानून पर सियासी बवाल; कांग्रेस के फैसले से BJP क्यों नाराज?
विज्ञापन
क्या थे धर्मांतरण विरोधी कानून के प्रावधान
कर्नाटक के धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत गलत बयानी, बल, अनुचित प्रभाव और प्रलोभन या जबरन एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन कराना गैरकानूनी करार दे दिया गया था। इस कानून के तहत अपराध संज्ञेय और गैर जमानती थे, साथ ही इसमें सख्त सजा के भी प्रावधान थे। इस कानून में दोषी पाए गए व्यक्ति को 25 हजार रुपए के जुर्माने और तीन से पांच साल की कैद की सजा का प्रावधान था। साथ ही नाबालिग, महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों का जबरन या लालच से धर्म परिवर्तन कराने पर तीन से 10 साल की कैद और 50 हजार रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान था।