Karnataka Drought: धरने पर CM सिद्धारमैया, केंद्र पर आरोप- सूखा राहत कोष से मदद में केंद्र कर रहा 'अन्याय'
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने सूखा राहत राशि जारी करने में कर्नाटक के साथ अन्याय किया है। सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद केंद्र सरकार ने केवल 3454 करोड़ रुपए जारी किए हैं।
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने सूखा राहत राशि जारी करने में कर्नाटक के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद केंद्र सरकार ने केवल 3454 करोड़ रुपए जारी किए हैं। जबकि, कर्नाटक सरकार ने केंद्र से सूखा राहत के लिए 18171 करोड़ के मुआवजे की मांग की थी।
सीएम सिद्धारमैया रविवार को विधानमंडल और सचिवालय के पास स्थित विधान सौदा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे। इस दौरान उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कई मंत्री-विधायक भी उनके साथ रहे। खालीपन और धोखे का प्रतीक गोल पानी का बर्तन 'चोम्बू' हाथ में लेकर नेताओं ने केंद्र पर कर्नाटक के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सूखे का सामना करने के लिए केंद्र सरकार ने पर्याप्त राहत राशि जारी नहीं की है। कर्नाटक सरकार ने राज्य के कुल 236 तालुकों में से 226 को सूखाग्रस्त घोषित किया है। इससे 48 लाख हेक्टेयर भूमि में फसल का नुकसान हुआ है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के मुताबिक, उन्होंने सूखा राहत के लिए केंद्र सरकार से 18171 करोड़ रुपए की मांग की थी। जब केंद्र ने राहत नहीं दी तो राज्य ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद केंद्र सरकार ने केवल 3454 करोड़ रुपए की राहत राशि जारी करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह राशि राज्य की मांग का एक चौथाई भी नहीं है।