कर्नाटक विधानसभा चुनाव: प्रचार अभियान खत्म, अमित शाह ने चला आखिरी दांव
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कर्नाटक चुनाव प्रचार गुरुवार शाम 5 बजे समाप्त हो गया। ऐसे में सभी पार्टियां चुनाव जीतने की खातिर एड़ी-चोटी का जोर लगाती दिखीं। चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में कांग्रेस कथित तौर पर पकड़े गए फर्जी वोटर आईडी के मुद्दे पर आक्रामक रही तो भाजपा सूबे की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाकर चुनावी मुद्दे को नई दिशा देने की कोशिश में है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने प्रदेश में बढ़ती हत्या और मारपीट की घटनाओं का हवाला देते हुए कई सवाल खड़े किए हैं। अमित शाह ने प्रदेश में भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत पर बोलते हुए कहा है कि लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाओं से जाहिर है कि सूबे की कानून व्यवस्था चरमरा गई है।
Law & order have seen a downfall in Karnataka. More than 24 workers of BJP & RSS were brutally killed in the state and Congress considers it a part of politics. No efforts were made to nab the culprits: Amit Shah in Bengaluru #KarnatakaElections2018 pic.twitter.com/MfUm8Ghokb
— ANI (@ANI) May 10, 2018विज्ञापन
उधर कर्नाटक में 12 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के लिए करीब 1.5 लाख सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। एक अधिकारी ने बताया कि इसमें 50 हजार से अधिक केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान भी शामिल होंगे।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दक्षिणी राज्य में होने वाली चुनाव प्रक्रिया के दौरान कड़ी निगरानी रखने व शांति सुनिश्चित करने के लिए सीआरपीएफ, बीएसएफ और आईटीबीपी जैसे अर्द्धसैनिक बलों से करीब 520 कंपनियों को तैनात करने का फैसला किया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा बल राज्य पुलिस के करीब एक लाख जवानों को सहयोग करेंगे। अर्द्धसैनिक बल की एक कंपनी में करीब 100 जवान होते हैं। अधिकतर अर्द्धसैनिक बलों की कंपनी पहले ही कर्नाटक पहुंच चुकी है। 224 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए राज्य के करीब 4.96 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। राज्य में 56,600 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।