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कराची, बजूका, एटम बम और ब्लैक रशियन नाम से चल रहा ड्रग्स का काला बाजार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 04 Jun 2018 01:31 PM IST
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कराची, बजूका, एटम बम, ब्लैक रशियन, पैराशूट और पिकाचू न ही किसी हथियार के नाम हैं और न ही किसी कार्टून कैरेक्टर के। इन नामों का संबंध पाकिस्तान या रूस से भी नहीं है बल्कि ये सारे नाम सड़कों पर पॉपुलर ड्रग्स के हैं जिनका दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच के दौरान खुलासा किया।
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दिल्ली पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि इन शब्दों का प्रयोग लोकल ड्रग्स डीलर्स द्वारा किया जाता है। इन शब्दों का प्रयोग करने से उनका व्यापार चलता रहता है और दुनिया से छुपा भी रहता है।नई दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर मधुर वर्मा ने बताया कि कराची कोडवर्ड का प्रयोग हेरोइन के लिए किया जाता था जिसमें फेनोबारबिटल और मीठाकुलोन मिला होता था।
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बजूका कोडवर्ड कोकीन और मारिजुआना को मिलाकर बनाये जाने वाले ड्रग्स के लिए प्रयोग होता था। एटम बम का प्रयोग मारिजुआना और हेरोइन को साथ में मिलाकर बनाये जाने वाले ड्रग्स के लिए होता है। ये सारे ड्रग्स रेव पार्टी में बहुत पॉपुलर हैं।
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पुलिस ने बताया कि इन ड्रग्स की खरीद फोन के जरिये होती है जिससे ड्रग्स डीलर्स को पकड़ना मुश्किल हो जाता है। वहीं मधुर वर्मा ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने काफी मात्रा में ड्रग्स को सीज किया है। वहीं एक दूसरे अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ब्लैक रशियन ड्रग्स को बनाने के लिए हैशिश और अफीम के मिश्रण का प्रयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस ने पिछले साल मई में मैफेड्रोन और मीठाकुआलोन की 6.5 लाख टैबलेट बरामद की थीं जिनकी बाजार में कीमत 30 करोड़ थी।