{"_id":"5911a8ea4f1c1baa7c8520c2","slug":"kapilvskejriwal-this-battle-will-impact-aap-in-5-states-election","type":"story","status":"publish","title_hn":"कपिल VS केजरीवाल: ये लड़ाई 5 राज्यों में करवाएगी 'आप' का नुकसान","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
कपिल VS केजरीवाल: ये लड़ाई 5 राज्यों में करवाएगी 'आप' का नुकसान
amarujala.com, Presented By: अकरम
Updated Tue, 09 May 2017 05:03 PM IST
विज्ञापन
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली सरकार से बर्खास्त मंत्री कपिल मिश्रा ने जिस प्रकार से केजरीवाल समेत अन्य दिग्गज नेताओं पर आरोप जड़े हैं, उससे तय है कि आगामी समय में 5 राज्यों में आम आदमी पार्टी को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। इनमें गुजरात, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और पंजाब शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पंजाब भाजपा के सचिव विनीत जोशी ने दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी के 11 विधायक उनके संपर्क में हैं। इस खबर के फैलने के बाद पंजाब आप में खलबली मच गई है।
वहीं यह दावा पार्टी के लिए नई मुसीबत बन सकता है। जोशी का कहना है कि आप खत्म हो चुकी है। आए दिन पार्टी में हो रहा कलह इसका जीता जागता प्रमाण है। एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, ऐसे में जिस पार्टी में एका ही नहीं वह देश की जनता का भला कैसे करेगी।
विज्ञापन
पंजाब में कांग्रेस सत्ता में है और आम आदमी पार्टी 20 सीटें जीतकर विपक्ष में खड़ी है, लेकिन आम आदमी पार्टी में मचे घमासान में पंजाब आप यूनिट भी बंटी हुई नजर आ रही है। घुग्गी से कमान लेकर अब भगवंत मान को दे दी गई है। ऐसे में ये कलह, पंजाब में भाजपा को अपनी जगह बनाने में मदद कर सकता है। न केवल पंजाब में, बल्कि 4 और राज्यों में इसका फायदा होगा।
पीएम मोदी और अमित शाह के गृह राज्य गुजरात में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पिछले 2 साल से गुजरात में चुनावी रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में इस कलह से गुजरात में पार्टी की संभावनाओं को बड़ा झटका लग सकता है। खासकर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर केजरीवाल बीजेपी को घेरते थे, लेकिन अब खुद पर कैश लेने के आरोपों के बाद गुजरात में पार्टी की संभावनाओं को बड़ा झटका लग सकता है।
हिमाचल प्रदेश में भी इसी साल चुनाव होने हैं। हिमाचल में अब तक बीजेपी और कांग्रेस में मुकाबला रहा, लेकिन आम आदमी पार्टी इनके बीच में आ गई है। ऐसे में अगर कलह से पार्टी कमजोर होती है तो बीजेपी को फायदा हो सकता है।
नितिन गडकरी की कंपनियों को लेकर महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाने की कोशिश करने वाली आप खुद घमासान से जूझ रही है। ऐसे में आने वाले वक्त में यहां पर भी बीजेपी की मुश्किलें कम होंगी।
हाल में जब कुमार विश्वास पार्टी से नाराज हुए तो उन्हें राजस्थान आप का प्रभारी बना दिया गया। बीजेपी के लिए आने वाले वक्त में राजस्थान का विधानसभा चुनाव सबसे अहम है। ऐसे में आप का कलह यहां भी बीजेपी की मुश्किलें आसान कर सकता है।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक, पंजाब भाजपा के सचिव विनीत जोशी ने दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी के 11 विधायक उनके संपर्क में हैं। इस खबर के फैलने के बाद पंजाब आप में खलबली मच गई है।
विज्ञापन
वहीं यह दावा पार्टी के लिए नई मुसीबत बन सकता है। जोशी का कहना है कि आप खत्म हो चुकी है। आए दिन पार्टी में हो रहा कलह इसका जीता जागता प्रमाण है। एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, ऐसे में जिस पार्टी में एका ही नहीं वह देश की जनता का भला कैसे करेगी।
विज्ञापन
पंजाब में कांग्रेस सत्ता में है और आम आदमी पार्टी 20 सीटें जीतकर विपक्ष में खड़ी है, लेकिन आम आदमी पार्टी में मचे घमासान में पंजाब आप यूनिट भी बंटी हुई नजर आ रही है। घुग्गी से कमान लेकर अब भगवंत मान को दे दी गई है। ऐसे में ये कलह, पंजाब में भाजपा को अपनी जगह बनाने में मदद कर सकता है। न केवल पंजाब में, बल्कि 4 और राज्यों में इसका फायदा होगा।
पीएम मोदी और अमित शाह के गृह राज्य गुजरात में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पिछले 2 साल से गुजरात में चुनावी रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में इस कलह से गुजरात में पार्टी की संभावनाओं को बड़ा झटका लग सकता है। खासकर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर केजरीवाल बीजेपी को घेरते थे, लेकिन अब खुद पर कैश लेने के आरोपों के बाद गुजरात में पार्टी की संभावनाओं को बड़ा झटका लग सकता है।
हिमाचल प्रदेश में भी इसी साल चुनाव होने हैं। हिमाचल में अब तक बीजेपी और कांग्रेस में मुकाबला रहा, लेकिन आम आदमी पार्टी इनके बीच में आ गई है। ऐसे में अगर कलह से पार्टी कमजोर होती है तो बीजेपी को फायदा हो सकता है।
नितिन गडकरी की कंपनियों को लेकर महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाने की कोशिश करने वाली आप खुद घमासान से जूझ रही है। ऐसे में आने वाले वक्त में यहां पर भी बीजेपी की मुश्किलें कम होंगी।
हाल में जब कुमार विश्वास पार्टी से नाराज हुए तो उन्हें राजस्थान आप का प्रभारी बना दिया गया। बीजेपी के लिए आने वाले वक्त में राजस्थान का विधानसभा चुनाव सबसे अहम है। ऐसे में आप का कलह यहां भी बीजेपी की मुश्किलें आसान कर सकता है।