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रात को सीबीआई मुख्यालय से फाइलें निकाल ले गए 'सीवीसी'... दिन में लिखी गई रात के ऑपरेशन की पटकथा
Thu, 10 Jan 2019 06:26 PM IST
अमर शर्मा
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 10 Jan 2019 06:26 PM IST
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सीबीआई मुख्यालय
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सीबीआई मुख्यालय में 23-24 अक्तूबर 2018 की रात क्या हुआ था। आप जानकर हैरान हो जाएंगे। अमूमन कोई भी सरकारी कार्यालय रात सात-आठ बजे के बाद नहीं खुलता। अगर कोई ज्यादा ही जरुरी काम होता है तो 10 बजे तक दफ्तर खुला रहता है। आधी रात को जब आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने का आदेश आया तो वहां पहले से ही सब तैयारियां हो चुकी थी। अर्थात रात के ऑपरेशन की पटकथा दिन में लिखी गई थी। हर पल सीबीआई मुख्यालय में तैनात रहने वाले सीआईएसएफ जवानों को चार घंटे के लिए वहां से हटा लिया गया। दिल्ली पुलिस को सीबीआई मुख्यालय के अंदर-बाहर तैनात कर ऑपरेशन शुरू हुआ। कांग्रेसी नेता आनंद शर्मा का आरोप है कि सीवीसी रात एक बजे सभी जरूरी फाइलें निकाल कर ले गए।
इसी भय से मोदी सरकार ने दिन में ही सीबीआई के रात्रि ऑपरेशन की पटकथा लिख दी। आनंद शर्मा के मुताबिक, सीबीआई मुख्यालय की 24 घंटे सुरक्षा करने वाली सीआईएसएफ को उस रात हटा दिया गया। ऐसा क्यों, वो इसलिए कि सीआईएसएफ के रहते ऑपरेशन पूरा हो, इसमें संदेह था। यही वजह रही कि रात में चार घंटे के लिए दिल्ली पुलिस को वहां बुलाया गया।
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यह कोई साधारण मामला नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक कमेटी इस मामले की जांच करे। इस सारे प्रकरण में सीवीसी पर भी दाग लगा है, लिहाजा उन्हें नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दे देना चाहिए। सीवीसी शक के दायरे में हैं तो उनसे निष्पक्षता की उम्मीद कैसे कर सकते हैं।
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सरकार ने सीबीआई विवाद को युद्ध जैसी स्थिति मान लिया था
आनंद शर्मा ने गुरुवार को 24 अकबर रोड स्थित एआईसीसी दफ्तर में कहा, सीबीआई में ऐसा क्या हो गया था कि मोदी सरकार इतनी घबरा गई। मोदी खुद भी बौखला गए थे। जैसे फैसले युद्ध के समय लिए जाते हैं, 23-24 अक्तूबर की रात को भी कुछ वैसा ही हुआ था। सरकार को यह मालूम चल गया था कि सीबीआई राफेल को लेकर कुछ न कुछ करने वाली है।
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इसी भय से मोदी सरकार ने दिन में ही सीबीआई के रात्रि ऑपरेशन की पटकथा लिख दी। आनंद शर्मा के मुताबिक, सीबीआई मुख्यालय की 24 घंटे सुरक्षा करने वाली सीआईएसएफ को उस रात हटा दिया गया। ऐसा क्यों, वो इसलिए कि सीआईएसएफ के रहते ऑपरेशन पूरा हो, इसमें संदेह था। यही वजह रही कि रात में चार घंटे के लिए दिल्ली पुलिस को वहां बुलाया गया।
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सीवीसी रात को फाइलें निकाल ले गए, इसकी जांच जरुरी है
रात को जब सीबीआई में ऑपरेशन चल रहा था तो सीवीसी और डीओपीटी के सचिव भी वहां पहुंच गए थे। इसका मतलब साफ है कि उन्हें पहले से सब कुछ बता दिया था। आनंद शर्मा ने आरोप लगाया कि सीवीसी खुद रात एक बजे सीबीआई मुख्यालय से अहम फाइलें निकाल ले गए। वे कौन से दस्तावेज अपने साथ ले गए, इसकी जांच बहुत जरुरी है।यह कोई साधारण मामला नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक कमेटी इस मामले की जांच करे। इस सारे प्रकरण में सीवीसी पर भी दाग लगा है, लिहाजा उन्हें नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दे देना चाहिए। सीवीसी शक के दायरे में हैं तो उनसे निष्पक्षता की उम्मीद कैसे कर सकते हैं।