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अमेरिका में तेलुगु एसोसिएशन ने कहा, सार्वजनिक स्थानों पर मातृभाषा में बात करने से बचें

Tue, 28 Feb 2017 05:26 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 28 Feb 2017 05:26 PM IST
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Kansas Shooting: Telugu Association advised community to avoid Telugu in public places
श्रीनिवास अपनी पत्नी के साथ। (फाइल)
अमेरिका में तेलंगाना अमेरिकन तेलुगु एसोसिएशन (TATA) ने अपने कम्युनिटी के लोगों को सुझाव दिया है कि वह अमेरिका में सार्वजनिक स्थानों पर तेलुगु में बात करने से परहेज करें। बताते चलें कि एसोसिएशन ने यह कदम वहां एक सिरफिरे इंसान ने भरी भीड़ के बीच ओपन फायरिंग करते हुए एक भारतीय इंजीनियर की हत्या कर दी और दो अन्य को घायल कर दिया।
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32 वर्षीय श्रीनिवास कुचिभोटला ओलेथ के जर्मिन हेडक्वार्टर पर नौकरी करते हैं। बुधवार की रात कंसास के एक हेडक्वार्टर में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं, इस हमले में एक दूसरे भारतीय और मृतक के कलीग आलोक मदसानी गंभीर रूप से घायल हुए थे।
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एसोसिएशन ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है, हमें अपनी मातृभाषा में बात करने से प्यार है। हालांकि, कभी-कभी इसे गलत भी समझा जा सकता है। आप सार्वजनिक स्थानों पर अंग्रेजी में बात कर सकते हैं तो इसकी कोशिश करिए।
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एसोसिएशन ने कम्युनिटी के लोगों को सुझाव दिया कि वे दूसरे लोगों से बहस न करें और आमना-सामना होने की स्थिति में उस जगह को छोड़ दें। इसमें लिखा है कि सुनसान जगह पर वे टार्गेट बन सकते हैं। ऐसी जगहों पर जाने से परहेज करें और जाएं भी तो अकेले न जाएं। बताते चलें कि श्रीनिवास का पार्थिव शरीर बीती रात भारत पहुंचा। मंगलवार को इसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

भारतीयों को बचाने के लिए एक अमेरिकी ने सीने पर खाई गोली

Kansas Shooting: Telugu Association advised community to avoid Telugu in public places
एसोसिएशन पोस्ट।
कंसास प्रांत स्थित ऑस्टिन्स ग्रिल एंड बार के संचालक गैरेट बोहनन ने बताया कि कुचिभोतला और मदासानी सप्ताह में एक या दो बार उनके यहां आते थे। उन्होंने बताया कि जब अमेरिकी सिरफिरा एडम प्यूरिंटन दोनों भारतीयों पर नस्लीय टिप्पणी कर रहा था तभी 24 वर्षीय अमेरिकी इयान ग्रिलोट ने खड़े होकर कहा था कि - ‘हमें इन पर गर्व है।’ वह गोली चलते वक्त श्रीनि के पीछे खड़े हो गए।

उनके हाथ और सीने में गोली भी लगी, लेकिन सीने में लगी गोली सौभाग्य से मुख्य धमनी के पास से निकल गई जिससे ग्रिलोट बच गए। अस्पताल में दाखिल होने के बाद ग्रिलोट ने कहा कि - ‘लोग मुझे हीरो कह रहे हैं लेकिन मैंने वही किया था जो किसी भी इंसान को करना चाहिए।’
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