{"_id":"588bc2ac4f1c1b9e7dcf605f","slug":"kanpur-train-accident-is-terrorist-conspiracy-says-nia","type":"story","status":"publish","title_hn":"NIA की मुहर: आतंकी साजिश थी कानपुर ट्रेन हादसा","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
NIA की मुहर: आतंकी साजिश थी कानपुर ट्रेन हादसा
अमर उजाला ब्यूरो/पटना
Updated Sat, 28 Jan 2017 03:29 AM IST
विज्ञापन
कानपुर ट्रेन एक्सीडेंट
- फोटो : self
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले साल कानपुर के नजदीक पुखराया में हुआ रेल हादसा आईएसआई ने कराया था। बिहार पुलिस ने जो आशंका पिछले दिनों जताई थी उसे एनआईए की जांच टीम ने सही पाया है। सूत्रों की मानें तो जांच को मोतिहारी आयी एनआईए की जांच टीम ने माना है कि पूछताछ और मिले सुराग से साफ होता है कि हादसे के पीछे साजिश थी।
इस घटना में मोतिहारी पुलिस ने बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के दो युवक अरुण राम और दीपक राम हत्या की जांच में छह लोगों (उमाशंकर पटेल, मोती पासवान, मुकेश यादव, बृजकिशोर गिरी, मुजाहिद अंसारी और शंभू गिरी) को गिरफ्तार किया था। जांच के बाद मोती पासवान ने स्वीकार किया कि अरुण और दीपक की हत्या इन लोगों ने इसलिए कर दी क्योंकि पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन में एक अक्टूबर को रेलवे ट्रैक पर बम ब्लास्ट करना था, जिसमें वे विफल रहे।
इस काम के लिए दोनों को अच्छी खासी रकम का भुगतान किया गया था। पैसा नहीं लौटाने पर नेपाल में बुलाकर उनकी हत्या कर दी गई थी। पूछताछ के दौरान मोती पासवान ने स्वीकार किया कि न केवल घोड़ासहन बल्कि कानपुर में 20 नवंबर को हुए रेल हादसे के पीछे भी उनका हाथ है और वहां भी ट्रेन जब गुजर रही थी तब बम ब्लास्ट किया गया था।
विज्ञापन
मोतिहारी में एसपी जितेंद्र राणा ने दावा किया था कि 20 नवंबर को पुखराया के पास हुआ रेल हादसा आईएसआई की साजिश का नतीजा था। आरोपियों से पूछताछ में जानकारी मिली कि कानपुर रेल हादसे का मास्टर माइंड दुबई में बैठा नेपाल का कारोबारी शम्शुल होदा है। उसी ने इसे अंजाम देने के लिए फंडिंग की थी। मालूम हो कि पिछले साल 20 नवंबर को पटना-इंदौर एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। इसमें 150 से ज्यादा लोगों की जान गई थी।
विज्ञापन
इस घटना में मोतिहारी पुलिस ने बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के दो युवक अरुण राम और दीपक राम हत्या की जांच में छह लोगों (उमाशंकर पटेल, मोती पासवान, मुकेश यादव, बृजकिशोर गिरी, मुजाहिद अंसारी और शंभू गिरी) को गिरफ्तार किया था। जांच के बाद मोती पासवान ने स्वीकार किया कि अरुण और दीपक की हत्या इन लोगों ने इसलिए कर दी क्योंकि पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन में एक अक्टूबर को रेलवे ट्रैक पर बम ब्लास्ट करना था, जिसमें वे विफल रहे।
विज्ञापन
इस काम के लिए दोनों को अच्छी खासी रकम का भुगतान किया गया था। पैसा नहीं लौटाने पर नेपाल में बुलाकर उनकी हत्या कर दी गई थी। पूछताछ के दौरान मोती पासवान ने स्वीकार किया कि न केवल घोड़ासहन बल्कि कानपुर में 20 नवंबर को हुए रेल हादसे के पीछे भी उनका हाथ है और वहां भी ट्रेन जब गुजर रही थी तब बम ब्लास्ट किया गया था।
विज्ञापन
मोतिहारी में एसपी जितेंद्र राणा ने दावा किया था कि 20 नवंबर को पुखराया के पास हुआ रेल हादसा आईएसआई की साजिश का नतीजा था। आरोपियों से पूछताछ में जानकारी मिली कि कानपुर रेल हादसे का मास्टर माइंड दुबई में बैठा नेपाल का कारोबारी शम्शुल होदा है। उसी ने इसे अंजाम देने के लिए फंडिंग की थी। मालूम हो कि पिछले साल 20 नवंबर को पटना-इंदौर एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। इसमें 150 से ज्यादा लोगों की जान गई थी।