Politics: अध्यक्ष पद से हटाए जाने से कमलनाथ हुए नाराज! संगठन प्रभारी और प्रदेश प्रभारी को दीं शुभकामनाएं
मध्य प्रदेश में कांग्रेस की बुरी हार के बाद आखिरकार पार्टी ने वहां पर प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को हटाकर बड़ा फैसला ले लिया। सियासी गलियारों में बीते कुछ समय से इस बात की चर्चा हो रही थी कि आखिर मध्य प्रदेश में हार की जिम्मेदारी किसकी है।
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मध्य प्रदेश में कांग्रेस के हारने के बाद भी जब पार्टी अध्यक्ष कमलनाथ ने इस्तीफा नहीं दिया तो पार्टी ने वहां पर बदलाव कर दिया। कांग्रेस के नेता जीतू पटवारी को मध्य प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बना दिया। पटवारी को अध्यक्ष बनाए जाने कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता कमलनाथ के नाराज होने की चर्चाएं हैं। दरअसल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने रविवार को ट्वीट कर पार्टी में हुए बदलाव के बाद प्रदेश अध्यक्ष समेत नेता प्रतिपक्ष और उप नेता प्रतिपक्ष को बधाई दी। इस बधाई के साथ-साथ उन्होंने चिह्न दो अन्य नेताओं को इस बधाई में शामिल किया उसके बाद यह कयास लगाए जाने लगे कि कमलनाथ इस फैसले से संतुष्ट नहीं है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता भी कहते हैं जब पार्टी का बेहतर प्रदर्शन ही नहीं रहा तो कमलनाथ ने पार्टी के प्रदेश प्रभारी और संगठन प्रभारी को बधाई किस आधार पर दी। हालांकि पार्टी अब मध्य प्रदेश की तर्ज पर ही आगे की सियासत को बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
मध्य प्रदेश में हार की जिम्मेदारी किसकी
मध्य प्रदेश में कांग्रेस की बुरी हार के बाद आखिरकार पार्टी ने वहां पर प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को हटाकर बड़ा फैसला ले लिया। कांग्रेस पार्टी के सियासी गलियारों में बीते कुछ समय से इस बात की चर्चा हो रही थी कि आखिर मध्य प्रदेश में हार की जिम्मेदारी किसकी है। लेकिन सभी नेता जिम्मेदार नेता हार की जिम्मेदारी लेने की बजाए ईवीएम पर ठीकरा फोड़ रहे थे। इसी दरम्यान पार्टी ने आखिरकार एक इंतजार के बाद कमलनाथ को अध्यक्ष पद से हटा दिया। इस बड़े फैसले के बाद पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कद्दावर नेता कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार समेत उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे को बधाई दी। लेकिन इसी बधाई के साथ कमलनाथ ने पार्टी के संगठन प्रभारी के वेणुगोपाल और प्रदेश के प्रभारी महासचिव रणदीप सुरजेवाला को भी बधाई दे डाली।
किस बात की दी बधाई
कमलनाथ के इस ट्वीट के बाद चर्चाएं सबसे ज्यादा इसी बात की हो रही है कि आखिर कमलनाथ ने वेणुगोपाल और सुरजेवाला को बधाई किस बात के लिए दी। राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार दीपेंद्र साहू कहते हैं कि कमलनाथ का यह ट्वीट सियासी तौर पर नाराजगी भरा जैसा ही है। उनका कहना है कि पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष , नेता प्रतिपक्ष और उप नेता प्रतिपक्ष की तो बधाई जायज दिखती है। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी और प्रदेश प्रभारी सुरजेवाला की बधाई कमलनाथ की ओर से किस लिए दी गई यह तो कमलनाथ ही बता सकते हैं। लेकिन माना यही जा रहा है कि कमलनाथ खुद को प्रदेश अध्यक्ष से हटाए जाने के पीछे इन दो नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका मान रहे हैं।
फेरबदल में संगठन प्रभारी...
दीपेंद्र कहते हैं संगठनात्मक स्तर पर होने वाले फेरबदल में संगठन प्रभारी की ही अहम भूमिका होती है। जबकि राज्य में प्रदेश प्रभारी किसी भी फेरबदल के लिए पार्टी का महत्वपूर्ण प्रतिनिधि होता है और उसकी राय मायने रखती है। सियासी गलियारों में कहा यही जा रहा है कि कमलनाथ ने इन दोनों नेताओं को बधाई देकर अपरोक्ष रूप से अपनी नाराजगी तो जाहिर ही कर दी है। सियासी जानकारो का कहना है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस चुनाव जीत जाती तब तो संगठन प्रभारी और प्रदेश प्रभारी को दी जाने वाली बधाई का सीधा मतलब निकाला जा सकता था। लेकिन चुनाव हारने और बदहल स्थिति में पहुंचने के बाद दी जाने वाली बधाई निश्चित तौर पर नाराजगी जैसे संकेत ही है।
सियासी मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए
यही नहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक पर दिए गए संदेश को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने एडिट भी किया। राजनीतिक जानकार मोहित मोघे कहते हैं कि पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने पहले जब ट्वीट किया तो सिर्फ शुभकामनाएं ही दी। लेकिन उन्होंने बाद में इस ट्वीट को एडिट करते हुए सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। हालांकि मोघे कहते हैं इसको लेकर कोई सियासी मतलब तो नहीं निकाला जाना चाहिए। कई बार ऐसे संदेश देने में एडिट की आवश्यकता पड़ती है और वही कमलनाथ की ओर से किया गया होगा। लेकिन राजनैतिक जानकार मानते हैं हैं कि अगर यह संदेश सीधे तौर पर ही आता तो उसमें कोई मतलब नहीं निकाले जाते।
सियासत में खूब चर्चाएं
कमलनाथ के इस संदेश को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत में भी खूब चर्चाएं हो रही है। भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल कहते हैं कि कमलनाथ का यह ट्वीट बताता है कि उनकी और कांग्रेस पार्टी के बीच में क्या तारतम्यता है। पटेल कहते हैं कि जो संदेश कमलनाथ ने रविवार को दिया है वह तो पूरे चुनाव भर उनके और संगठन के बीच में चलता रहा। उनका कहना है कि कांग्रेस पार्टी और कमलनाथ के बीच में तो शुरुआत से बनी ही नहीं। वजह रही कि संगठन और नेताओं के बीच में इतनी बड़ी खाई पैदा हो गई कि अब जब एलबदलाव हुआ है तो उनके नेता इस तरह से जवाब दे रहे हैं। हालांकि पहलाद पटेल कहते हैं यह कांग्रेस पार्टी और कमलनाथ के बीच का मामला है। इसमें ना उनकी पार्टी और ना उनका कोई लेना देना है। लेकिन वह कहते हैं कि इससे यह जरूर पता चलता है कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली कैसी है।
सियासी कॉरिडोर में भी कमलनाथ के ट्वीट की चर्चा
मध्यप्रदेश के आम लोगों से लेकर सियासी कॉरिडोर में भी कमलनाथ के इस ट्वीट लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। वरिष्ठ पत्रकार शकील अख्तर ने कमलनाथ के ट्वीट पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि वेणुगोपाल और सुरजेवाला को किस बात की बधाई दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने आपको पांच साल तक राज्य में काम करने का मौका दिया उसके बाद इस तरीके का व्यंग्य ठीक नहीं है। कमलनाथ की ओर से किए गए इस ट्वीट पर लोगों ने कई प्रतिक्रिया हैं। वहीं कांग्रेस पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस तरीके के संदेश को लेकर पार्टी के नेताओं में भी खूब चर्चा हो रही है। लेकिन पार्टी ने अब तय किया है कि मध्य प्रदेश के पैटर्न पर ही देश के अलग-अलग राज्यों में संगठनात्मक स्तर पर सुधार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।