{"_id":"5c5971fabdec2217f5587d8f","slug":"kailash-vijayvargiya-says-supreme-court-order-democracy-victory-now-mamata-should-be-resig","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट का आदेश लोकतंत्र की जीत, ममता को इस्तीफा देना चाहिए: विजयवर्गीय","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सुप्रीम कोर्ट का आदेश लोकतंत्र की जीत, ममता को इस्तीफा देना चाहिए: विजयवर्गीय
Tue, 05 Feb 2019 07:02 PM IST
Nilesh Kumar
भाषा, कोलकाता
भाषा, कोलकाता
Published by: Nilesh Kumar
Updated Tue, 05 Feb 2019 07:02 PM IST
विज्ञापन
कैलाश कैलाश विजयवर्गीय
कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को सीबीआई के समक्ष पेश होने का आदेश देने के लिये भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद किया और कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की भी मांग की।
विज्ञापन
शीर्ष अदालत ने मंगलवार को कुमार को निर्देश दिया कि वह सीबीआई के समक्ष पेश हों और शारदा चिटफंड घोटाला से जुड़े मामलों की जांच में एजेंसी को ईमानदारी से सहयोग करें। विजयवर्गीय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश लोकतंत्र की जीत है। ममता बनर्जी को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
विज्ञापन
शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि पूछताछ के दौरान कोलकाता पुलिस प्रमुख को न तो गिरफ्तार किया जायेगा और न ही बल का प्रयोग होगा। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और राज्य पुलिस ने जांच के दौरान बार-बार रुकावटें पैदा की।
विज्ञापन
कई करोड़ रुपये के चिटफंड घोटालों के संबंध में पूछताछ के लिये सीबीआई की टीम रविवार को कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के कोलकाता स्थित आवास गयी थी। लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली बल्कि सीबीआई अधिकारियों को जीपों में बैठाकर पुलिस थाने ले जाया गया।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर राज्य में तख्तापलट की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के आदेश पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सीबीआई को राजनीतिक विरोधियों का उत्पीड़न करने का निर्देश दे रहे हैं।
विजयवर्गीय ने कहा कि ममता बनर्जी एक पुलिस अधिकारी से सीबीआई को पूछताछ करने से रोकने के लिये धरने पर बैठी हैं। बनर्जी अगर चिटफंड निवेशकों का पैसा लौटाने के लिये धरने पर बैठतीं तो इस देश की जनता को अधिक खुशी होती।