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ताहिलरमानी तबादला मामला: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ वकील ने मद्रास हाईकोर्ट में दायर की याचिका
Thu, 19 Sep 2019 05:00 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 19 Sep 2019 05:00 AM IST
सार
- जस्टिस विजया के. ताहिलरमानी का तबादला किए जाने के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर
- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के फैसले को मद्रास हाईकोर्ट में चुनौती
- मद्रास हाईकोर्ट की एक पीठ ने जताई हैरानगी
- पीठ ने फौरन सुनवाई से किया इनकार, कहा- याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं, फैसला सूचीबद्ध होने पर किया जाएगा
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विजया के. ताहिलरमानी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मद्रास उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश विजया के. ताहिलरमानी का उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम द्वारा मेघालय उच्च न्यायालय स्थानांतरित करने का मामला अभी भी शांत नहीं हुआ है। ताहिलरामनी का तबादला किए जाने के विरोध में लातूर जिले के करीब दो हजार वकीलों ने 13 सितंबर को काम का बहिष्कार किया था। वहीं अब वकील एम करपागम ने मद्रास उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है।
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याचिका में मुख्य न्यायाधीश का मेघालय उच्च न्यायालय तबादला करने की सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश को प्रभावी करने से राष्ट्रपति कार्यालय को रोकने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने अदालत से इस बारे में निर्णय करने का अनुरोध किया कि, क्या किसी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का तबादला करने का प्रस्ताव राष्ट्रपति या सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा किया जा सकता है और क्या इस तरह के तबादले के लिए मुख्य न्यायाधीश द्वारा सहमति नहीं दिये जाने को कॉलेजियम खारिज कर सकती है।
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वरिष्ठ अधिवक्ता एस प्रभाकरण ने जब याचिका पर शीघ्र सुनवाई करने का अनुरोध किया, तब न्यायामूर्ति एम सत्यनारायण और न्यायमूर्ति सेषासयी की पीठ ने हैरानगी जताई कि यह याचिका उच्च न्यायालय में क्यों दायर की गई जबकि जस्टिस ताहिलरमाणी का तबादला करने का फैसला सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने किया है।
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याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि इस तरह की याचिका उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आती है। उन्होंने कहा कि तबादला प्रस्ताव कोई न्यायिक निर्णय नहीं है बल्कि एक प्रशासकीय सिफारिश है, इसलिए उच्च न्यायालय इस विषय में निर्णय कर सकता है। हालांकि, पीठ ने फौरन सुनवाई से इनकार कर दिया और कहा कि याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं, इस विषय पर फैसला इसके सूचीबद्ध होने पर किया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने ताहिलरमानी का मेघालय उच्च न्यायालय तबादला करने की सिफारिश की थी, जिन्हें पिछले साल आठ अगस्त को उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद पर पदोन्नत किया गया था। वहीं, न्यायमूर्ति ताहिलरमानी ने कॉलेजियम द्वारा उनके तबादले के फैसले पर पुनर्विचार अनुरोध खारिज किये जाने के बाद छह सितंबर को राष्ट्रपति से अपने इस्तीफे की पेशकश की थी। तब से, मुख्य न्यायायाधीश अदालत से अनुपस्थित हैं।