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पी चिदंबरम की याचिका खारिज करने वाले जस्टिस सुनील गौर पीएमएलए के अध्यक्ष नियुक्त किए गए
Wed, 28 Aug 2019 07:16 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 28 Aug 2019 07:16 PM IST
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Justice Sunil Gaur
- फोटो : Social Media
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पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम की गिरफ्तारी का रास्ता साफ करने वाले हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त हो गए जस्टिस सुनील गौर को धन शोधन निवारण अधिनियम अपीलीय न्यायाधिकरण (एटीपीएमएलए) के अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं।
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दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सुनील गौर 23 सितंबर को नया पदभार ग्रहण करेंगे। दिप्रिंट के मुताबिक न्यायाधिकरण में उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि गौर एटीपीएमएलए के मौजूदा अध्यक्ष जस्टिस मनमोहन सिंह के सेवानिवृत्त होने के एक दिन बाद पदभार ग्रहण करेंगे।
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दिल्ली हाईकोर्ट में अपनी सेवाएं दे चुके जस्टिस सुनील गौर ने सेवानिवृत्त होने से पहले ही चिदंबरम की गिरफ्तारी का रास्ता साफ कर दिया था। जस्टिस गौर ने अपने अंतिम आदेश में चिदंबरम की आईएनएक्स मीडिया मामले में अंतरिम राहत की याचिका खारिज कर दी थी। जिसके बाद उन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्ट अपीलीय न्यायाधिकरण का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
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दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस गौर ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर चल रहे नेशनल हेराल्ड मामले में भी जांच के आदेश दिए थे।
गौर को अप्रैल 2008 में हाईकोर्ट का जस्टिस नियुक्त किया गया था। 11 अप्रैल 2012 को उनकी नियुक्ति स्थाई की गई थी।