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सीजेआई रमण ने जताई चिंता: बारहमासी समस्याओं से जूझ रही न्यायपालिका, नहीं सुलझीं तो आने वाले जज भी जूझेंगे
Sat, 25 Dec 2021 10:16 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, अमरावती
पीटीआई, अमरावती
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 25 Dec 2021 10:16 PM IST
सार
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में नागरिक सम्मान के मौके पर जस्टिस रमण ने कहा कि देश की अदालतों में 4.60 करोड़ केस लंबित हैं। यह भारत जैसे बड़े देश के लिए बहुत ज्यादा नहीं है, जिसकी आबादी करीब 150 करोड़ है।
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प्रधान न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमण
- फोटो : ANI
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विस्तार
प्रधान न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमण ने शनिवार को कहा कि न्यायपालिका बारहमासी समस्याओं से जूझ रही है। यदि न्यायपालिका की मूलभूत समस्याओं को हल नहीं किया गया तो उनके उत्तराधिकारियों को भी इससे जूझना होगा। इसके साथ ही उन्होंने देश में न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया।
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आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में नागरिक सम्मान के मौके पर जस्टिस रमण ने कहा कि देश की अदालतों में 4.60 करोड़ केस लंबित हैं। यह भारत जैसे बड़े देश के लिए बहुत ज्यादा नहीं है, जिसकी आबादी करीब 150 करोड़ है।
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कार्यपालिका कानून के दायरे में काम करे तो कोर्ट में जाने की जरूरत नहीं पड़े
सीजेआई ने कहा कि अदालतें तब दखल देंगी जब अधिकारों का हनन होगा। उन्होंने कहा कि न्याय प्रदान करने के लिए कार्यपालिका भी जिम्मेदार है। यदि वह कानून के दायरे में काम करे तो किसी को कोर्ट आने की जरूरत नहीं पड़े।
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हम भूलते जा रहे हैं न्यायपालिका का महत्व
सीजेआई ने कहा कि सभी तंत्रों की तरह न्याय तंत्र भी कुछ मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। मेरे पूर्ववर्तियों, प्रधान न्यायाधीशों ने भी इनका जिक्र किया है। मैं भी इन मुद्दों को उठा रहा हूं। मेरे उत्तराधिकारियों के भी यह बारहमासी समस्या रहने वाली है, क्योंकि धीरे धीरे हम न्यायपालिका व कानूनी शिक्षा का महत्व भूलते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि न्यायिक बुनियादी ढांचे को विकसित करने की जरूरत है। इससे अदालतों के प्रति सम्मान बढ़ेगा। जस्टिस रमण को इस कार्यक्रम में रोटरी क्लब ने लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया।
कानून का राज नहीं हो तो तानाशाही पनपती है
प्रधान न्यायाधीश रमण ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि कानून के राज का क्या महत्व है। यदि किसी देश में कोई कानून का राज नहीं रहा तो तानाशाही पनपती है। यह लोकतंत्र के लिए खतरा पैदा करती है। इसलिए जनता में कानून के प्रति जागरूकता लाने की जरूरत है।