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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम: ‘स्किन टू स्किन’ फैसला देने वाली बॉम्बे हाईकोर्ट की अस्थायी जज पुष्पा गनेडीवाला को स्थायी बनाने की फिलहाल मंजूरी नहीं
Fri, 17 Dec 2021 07:10 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 17 Dec 2021 07:10 AM IST
सार
जस्टिस पुष्पा गनेडीवाला को फिलहाल न तो अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में कोई विस्तार मिला है और ही उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाने की पुष्टि की गई है जबकि अतिरिक्त जज का उनका कार्यकाल फरवरी 2022 में समाप्त होने वाला है।
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जस्टिस पुष्पा वी गनेडीवाला
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने विवादास्पद ‘स्किन टू स्किन’ फैसला देने वाली बॉम्बे हाईकोर्ट की अस्थायी जज जस्टिस पुष्पा वी गनेडीवाला को स्थायी जज बनाने पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। जस्टिस गनेडीवाला बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ में अस्थायी जज हैं।
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जस्टिस पुष्पा गनेडीवाला को फिलहाल न तो अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में कोई विस्तार मिला है और ही उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाने की पुष्टि की गई है जबकि अतिरिक्त जज का उनका कार्यकाल फरवरी 2022 में समाप्त होने वाला है।
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यदि अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में कार्यकाल समाप्त होने से पहले उनके कार्यकाल का विस्तार नहीं किया जाता है या उन्हें स्थायी जज बनाने की पुष्टि नहीं की जाती है तो वह फिर से जिला न्यायाधीश के पद पर आ जाएंगी। मालूम हो कि जस्टिस गनेडीवाला को स्थायी जज नहीं बनाने की सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा की गई संशोधित सिफारिश को स्वीकार करते हुए पिछले वर्ष कानून एवं न्याय मंत्रालय ने अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में उनका कार्यकाल बढ़ा दिया था।
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एक नाबालिग को कपड़ों के ऊपर से टटोलने के आरोपी व्यक्ति को जमानत देने के बाद जस्टिस गनेडीवाला को तीखी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा था। जस्टिस गनेडीवाला ने अपने फैसले में कहा था कि चूंकि त्वचा से त्वचा का संपर्क नहीं था इसलिए इसे पॉक्सो के तहत यौन उत्पीड़न नहीं कहा जा सकता है। इस फैसले के खिलाफ दायर कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने हाईकोर्ट के फैसले को दरकिनार कर दिया था।