जज लोया मामला: भड़की भाजपा ने कहा- राजनीतिक लड़ाई कोर्ट में न लड़े कांग्रेस
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केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह केस जनहित में नहीं बल्कि कांग्रेस पार्टी के इंट्रेस्ट में था। उन्होंने कहा कि इस मामले के जरिए कांग्रेस पार्टी बीजेपी और खास तौर पर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की छवि खराब करना चाहती थी। रविशंकर प्रसाद ने इस मौके पर अदालत द्वारा कही गई उस बात को एक बार फिर दोहराया जिसमें उन्होंने कहा कि राजनीतिक लड़ाइयों को राजनीति के मैदान में ही लड़ें। इसका साफ मतलब है कि इस केस को हमारे पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई के तौर पर लड़ा गया। केंद्रीय मंत्री ने एकबार फिर से कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा और कहा, कि मैं राहुल गांधी से आग्रह करूंगा कि वे अदालत के गलियारों के जरिए राजनीतिक लड़ाई न लड़ें।'
रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि हमारे नेता अब तक इस मामले में इसलिए नहीं बोल रहे थे क्योंकि यह मामला कोर्ट में था। राहुल गांधी इस दौरान राष्ट्रपति से मिले कई तरह के आरोप लगाए। हम इस मामले में फैसले का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस मामले में चार न्यायिक अधिकारियों की रिपोर्ट की जांच हुई और कोर्ट ने पाया कि इसमें प्रक्रिया का पालन हुआ था।
वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस पार्टी ने असंतोष जताया है। कांग्रेस प्रवक्ता आर एस सुरजेवाला ने कोर्ट के इस फैसले को भारतीय इतिहास में सबसे दुखद फैसला बताया है। सुरजेवाला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला अपने पीछे कई सवाल के छोड़ गया है। उन्होंने कहा कि जज लोया के पोस्टमॉर्टम में भी कई विसंगतियां सामने आईं थीं उन्होंने कहा कि पीड़ित के नाम को भी सही तरीके से पेश नहीं किया गया।
कांग्रेस पार्टी ने असंतोष जताया है
बीजेपी ने कहा कि अमित शाह पर कांग्रेस ने अभद्र टिप्पणी की। कांग्रेस न्यायपालिका को सड़क पर लेकर आई। राहुल गांधी को इन सब बातों के लिए माफी मांगना चाहिए। इस मामले पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी इशारे इशारे में कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि बीजेपी के बड़े नेता की छवि बिगाड़ने की कोशिश पूरी तरह से नाकाम हो गई है। अब यह साफ हो गया है कि न्यायपालिक राजनीतिक लड़ाई का अखाड़ा नहीं बन सकती है। वहीं केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि अगर आप न्यायपालिका पर शक कर रहे हैं तो आप जांच और सबूतों पर भी शक कर रहे हैं। मुझे लगता है कि राहुल गांधी को अमित शाह से माफी मांगनी चाहिए।
आपको बता दें कि जज लोया की मौत स्वाभाविक थी या उनकी हत्या की गई थी इसकी निष्पक्ष जांच की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि एसआईटी से जांच नहीं कराई जाएगी, साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को लताड़ते हुए यह भी कहा कि इससे पहले जज लोया मामले में जजों के फैसलों पर शक नहीं किया जा सकता है। यह याचिका जजों की छवि को खराब करने की कोशिश है। तीन जजों की बेंच ने कहा कि जनहित याचिकाएं जरूरी है लेकिन इसका दुरुपयोग चिंताजनक है।