जेपी की 119 वीं जयंती: लोकनायक स्मारक बनाने के लिए केंद्र मदद को तैयार, रघु ठाकुर समेत कई हस्तियों का सम्मान
कार्यक्रम में रघु ठाकुर ने कहा कि जयप्रकाश नारायण ने अपना संपूर्ण जीवन समाज और अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए लगाया। लोकदृष्टि में वे लोकनायक थे।
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लोकनायक जयप्रकाश अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विकास केंद्र ने जे.पी. की 119 वीं जयंती पर समारोह आयोजित किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृति एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली में इस संस्था को लोकनायक जयप्रकाश स्मारक एवं संग्रहालय के निर्माण में मदद को तैयार है। यदि संस्था संपूर्ण परियोजना का स्वरूप बनाकर भारत सरकार को प्रस्तुत करे तो सरकार बजट का 80 फीसदी खर्च उठाएगी। 20 प्रतिशत संस्था को वहन करना पड़ेगा। इस मौके पर विचारक रघु ठाकुर समेत विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक हस्तियों का सम्मान भी किया गया।
सोमवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने 'लोकनायक और लोकदृष्टि' विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि जेपी 1942 के स्वतंत्रता संग्राम के नायक रहे एवं देश की दूसरी आजादी 1974 की संपूर्ण क्राति आंदोलन के भी महानायक रहे हैं। उन्होंने संपूर्ण जीवन में सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक क्रांति में परिवर्तन की आवाज बुलंद की और हमेशा आजीवन शोषितों, वंचितों के अधिकारों के लिए लड़ते रहे। ऐसे महानायक को देश में उचित सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विकास केंद्र के राष्ट्रीय महासचिव अभय सिन्हा द्वारा देश की राजधानी दिल्ली में किसी उपयुक्त स्थल पर लोकनायक जयप्रकाश के अंतरराष्ट्रीय स्मारक एवं संग्रहालय की स्थापना की मांग पर कहा कि मैं इस मंच से केंद्र सरकार की ओर से यह घोषणा करता हूं कि इसके लिए यदि संस्था लोकनायक जयप्रकाश स्मारक एवं संग्रहालय के निर्माण हेतु संपूर्ण परियोजना पेश करे तो वह मदद को तैयार है। इसके लिए भूमि के स्थल हेतु संस्था के महासचिव अभय सिन्हा ने बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित जे.पी. स्मृति पार्क का सुझाव दिया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने तत्परता से विचार करने व कार्यान्वयन की पहल का विश्वास दिलाया।
इस अवसर पर रघु ठाकुर को जे.पी. लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया ठाकुर ने लोकनायक को लोकशक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा की जे.पी. ने अपना संपूर्ण जीवन समाज और अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए लगाया और लोकदृष्टि में वे लोकनायक थे उसको चरितार्थ किया। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के सदस्य सचिव डाॅ. सच्चिदानन्द जोशी ने जेपी को सच्चे अर्थो में राजनैतिक संत बताते हुए कहा की उनका जीवन दर्शन एवं मूल्य हमेशा लोगों के दिलों में अमिट छाप छोड़ेगा।
बतौर विशिष्ट अतिथि दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति पद्मश्री प्रोफेसर दिनेश सिंह ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश ने भारतीय लोकतंत्र को अक्षुण्ण बनाने के लिए आपातकाल के खिलाफ गिरफ्तारी दी। देश की आजादी, समाजवाद, भूदान और संपूर्ण क्रांति आंदोलन को अपना पूरा समय दिया एवं देश को एक मार्गदर्शन
दिया जो आज सबसे बड़ी ताकत है।
जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने जेपी को महान नेता बताते हुए कहा की भारत छोड़ो आंदोलन से लेकर, चंबल के दुर्दांत डाकुओं के उन्मूलन एवं नगालैंड शांति मिशन से लेकर बांग्ला देश के निमार्ण में अपनी प्रभावकारी भूमिका निभाई। ऐसे महापुरूष का देश की राजधानी दिल्ली में स्मारक बनना चाहिए।
जे.पी. इंटरनेशनल अवॉर्ड से ये हुए सम्मानित
- लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड: रघु ठाकुर (प्रख्यात गांधीवादी, विचारक एवं चिंतक)
- सामाजिक क्षेत्र: प्रकाश आमटे (प्रसिद्ध समाजसेवी एवं रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता)
- कला और संस्कृति: पदम् विभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्रा (भारतीय शास्त्रीय गायक)
- शिक्षा: पद्मश्री प्रो. दिनेश सिंह (शिक्षाविद एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति)
- साहित्य: श्री सत्यनारायण (प्रसिद्ध कवि एवं हिन्दी प्रगति समिति के अध्यक्ष)
- महिला सशक्तिकरण: भारती आशा सहाय चौधरी (झांसी रेजिमेंट की प्रमुख, आजाद हिन्द फौज)
- मीडिया और पत्रकारिता संतोष भारतीय, (संपादक चौथी दुनिया एवं पूर्व सांसद)
- प्रशासन और सुशासन: प्रदीप के. मोहंती (सचिव, एनआईओएस एवं पूर्व रजिस्टार एनएसडी)
- पर्यावरण: लक्ष्मण सिंह लापोरिया (प्रसिद्ध जल संरक्षणवादी)
- खेल: सुरेंद्र खन्ना (प्रसिद्ध क्रिकेटर एवं सदस्य पूर्व सदस्य आईपीएल गवर्निंग काउंसिल एशिया कप)
जे.पी. नेशनल अवॉर्ड से इन्हें नवाजा गया
- पेंटिंग: बीरेश्वर भट्टाचार्य (प्रसिद्ध कलाकार और प्रोफेसर, कला और शिल्प कॉलेज, पटना)
- लोकनायक कलाश्री पुरस्कार: अशोक भौमिक (प्रसिद्ध कलाकार, उपन्यासकार एवं कला समीक्षक)
- रंगमंच: भारत रत्न भार्गव (प्रसिद्ध रंगमंच व्यक्तित्व, लेखक और आलोचक)
- लोक कला: खाटू सपेरा (प्रसिद्ध कालबेलिया नर्तक)
- शिक्षा: डॉ. अरूण कुमार रथ ( पूर्व आईएस और केन्द्रीय सचिव शिक्षा और साक्षरता)
- फोटाग्राफी: शैलेन्द्र कुमार (रचनात्मक सांस्कृतिक और विरासत कला फोटोग्राफर)
- सुशासन: डॉ. अमनदीप सिंह (आईपीएस और निदेशक, सीडीटीआई, जयपुर )
- सामाजिक अधिकारिता: संजीव यादव (सुप्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता)
- क्रिएटिव एक्सीलेंस अवॉर्ड: अमित रंजन (सह-संस्थापक और सीईओ, मेडट्रैवेल्स)
- चिकित्सा एक्सीलेंस अवॉर्ड: डॉ. विरेन्द्र विक्रम सिंह (कुसुम स्पाइन एण्ड न्यूरो रिहेबीलिटेशन)